मुंबई, अहमदाबाद, बंगलौर जाने वाली लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में 'नो रूम' है। तत्काल टिकट पाने का रास्ता आसान नहीं है। चौबीस घंटे पहले तत्काल कन्फर्म टिकट पाने को लंबी लाइनें लग रही हैं।
मारामारी के बीच बमुश्किल एक-दो टिकट ही कन्फर्म मिलते हैं। मुंबई के लिए कन्फर्म टिकट या फिर वेटिंग पाने की सबसे ज्यादा होड़ फैजाबाद से चलने वाली साकेत, दिल्ली एक्सप्रेस और लखनऊ से छूटने वाली पुष्पक एक्सप्रेस के लिए है।
हालात इतने खराब कि 24 घंटे पूर्व से लोग रेलवे स्टेशन पर तत्काल का कन्फर्म टिकट पाने के लिए अपना नंबर लगा रहे हैं। स्टेशन पर प्रतिदिन आरक्षण की तीनों खिड़कियों से सुबह तत्काल टिकट के लिए लंबी लाइन लग रही है।
इन लोगों को सुबह 11 बजे से स्लीपर, उसके बाद एसी का टिकट मिलता है। मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, यशवंतपुर, वैष्णो देवी का टिकट पाने को लोग लाइन लगाते हैं।
अग्रिम टिकट चार महीना पहले बुक होने और ई-टिकट की सुविधा होने के बावजूद लोगों के बीच तत्काल टिकट पाने के लिए मारामारी मचती है।
सोहावल के शेखपुर निवासी मो. एजाज, इसी ब्लॉक के रौनाही बाजार निवासी मोईद खान, नगर के रिकाबगंज में डॉक्टर कॉलोनी के रहने वाले आर्य मित्र यादव, लालू और राज किशोर को किसी ट्रेन में तत्काल टिकट नहीं मिला।
इनका कहना था कि तीनों ही खिड़कियों में एक खिड़की से महज एक कन्फर्म सीट मिली। बाकी पर दो-तीन वेटिंग टिकट निकलने के बाद नोरूम हो गया।
उधर सूत्रों की मानें तो ई-टिकट करने वाले अपनी आईडी से एक ही दिन में कई कन्फर्म टिकट दे रहे हैं। बताते हैं कि सयाने लोग ऐसा काम रेलवे का सरवर हैक करके कर रहे हैं। तत्काल और कन्फर्म सीट के लिए वह प्रति टिकट 15 सौ से दो हजार रुपये अतिरिक्त लेते हैं।