अयोध्या। रामायण मेला के दूसरे दिवस का शुभारंभ अपर आयुक्त शिवपूजन ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि रामायण मेला भगवान राम के आदर्शों को प्रसारित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस आयोजन के जरिए युवा पीढ़ी को राम का चरित्र जानने में मदद मिलेगी।
इसके बाद हुए प्रवचन सत्र में जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि राम का उदात्त चरित्र अनुकरणीय है। रामायण मेले जैसे आयोजन सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा मेला समिति द़्वारा प्रकाशित पुस्तक तुलसीदल का भी विमोचन किया गया। उपसूचना निदेशक मुरलीधर सिंह ने बताया कि रामायण मेला स्थल पर शासन की रीतियों एवं रामकथा आधारित प्रदर्शनी भी लगायी गयी है।