कांवरियों का उल्लास शिव मंदिरों में पूजन-अर्चन के रूप में दिखा। हालांकि बीते दो सोमवार की अपेक्षा कांवरियों की भीड़ कुछ कम रही। भीड़ को देखते हुए बड़े वाहनों के लिए यातायात प्रतिबंधित रहा।
सावन मास आरंभ होते ही कांवरियां भक्तों की टोलियां शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जुटने लगी थी। सप्ताह भर तक नगरी कांवरियों के केसरिया रंग में पटी रही। लेकिन तीसरे सोमवार को कांवरियों की भीड़ कम रही।
हालांकि सावन झूला मेला की शुरूआत पर श्रद्धालु की भारी भीड़ भोर से ही सरयू में स्नान-दान के बाद प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक के लिए जुटने लगी।
देर शाम तक इन मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ अभिषेक व पूजन-अर्चन के लिए लगी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि सहित अन्य मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए जुटी।
मंदिरों में देर रात तक दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। नगरी में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए नयाघाट से श्रीराम अस्पताल के बीच बैरियर लगाकर चार पहिया व बड़े वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया। हालांकि प्रतिबंध के बावजूद टैक्सी व चार पहिया वाहन बेखौफ मुख्य मार्गों पर दौड़ते रहे।