यात्री सुविधाओं का ले-आउट तैयार
दूसरे दिन की बैठक में मंदिर परिसर की भव्यता पर भी चर्चा हुई। मंदिर में यात्री सुविधाओं का ले-आउट तैयार किया जा चुका है। एक साथ 25 हजार लोगों के लिए बैठने से लेकर पेयजल, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाएगी। इन सबके निर्माण कार्य के लिए शीघ्र ही विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने के लिए आवेदन किया जाएगा।
तकनीकी खामियों के चलते बाउंस हुए थे चेक
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि निधि समर्पण में आए कुछ चेक तकनीकी गड़बड़ियों के चलते बाउंस हुए थे। 15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक चले निधि समर्पण अभियान के दौरान दिए गये 15 हजार चेक बाउंस हो गये थे। जिसके चलते करीब 22 करोड़ की धनराशि फंस गई थी। ऐसे दानदाताओं से संपर्क कर दोबारा निधि समर्पण की अपील की जा रही है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने बताया कि यह पुराना मामला हो चुका है। दान देने वालों की भावना गलत नहीं है। कहीं न कहीं चेक देने में चूक हुई थी। कोई चेक टाइम बार्ड हो गया, तारीख लिखने में गलतियां हुईं, रकम लिखने में गलतियां हुईं, कुछ चेक पर हस्ताक्षर नहीं मिले। ऐसे ही तकनीकी खामियों के चलते चेक बाउंस हुए थे। अधिकांश दानदाताओं ने फिर समर्पण राशि भेज भी दी है। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपये का मामला है। पूरा देश दान दे रहा है तो यह छोटी-छोटी गलतियां बड़ी बात नहीं है। ऑडिट पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।