अयोध्या। नगर निगम प्रशासन सफाई को लेकर नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। अब नगरवासियों को सफाई के लिए निगम कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने सोशल साइट का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
नगरवासियों को कूड़े युक्त स्थान की एक फोटो सोशल साइट पर डालनी होगी, इसके तुरंत बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच कर कूड़ा उठाएगी। इस व्यवस्था को संचालित करने के लिए सफाई कर्मचारियों को वायरलेस सिस्टम से लैस किया जाएगा।
अयोध्या नगर निगम के 60 वार्डों में कूड़ा उठाने के लिए दो प्रकार की व्यवस्थाएं लागू हैं। पहली व्यवस्था डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने की है। दूसरी व्यवस्था ये है कि जो नगरवासी डोर टू डोर पहुंचने वाली कूड़ा गाड़ियों को कूड़ा नहीं दे पाते, उन्हें निर्धारित डंपिंग सेंटर पर कूड़ा फेंकने की हिदायत है।
नियम ये है कि डंपिंग सेंटर से 24 घंटे के अंदर कूड़ा उठाना अनिवार्य है। ऐसी ही व्यवस्था नालियों की सफाई व झाड़ू लगाने के लिए भी लागू है। सुबह-शाम दो बार सफाई व्यवस्था का नियम है। जबकि नालियों की सफाई सप्ताह में एक बार होती है।
बहुत बार ऐसा भी होता है कि शाम की पाली में सफाई कर्मचारी नहीं जाते हैं, साथ ही डंपिंग सेंटरों से समय से कूड़े भी नहीं उठते हैं। इसकी शिकायतें नगर वासियों की ओर से बराबर की जाती रहीं हैं। नालियों की सफाई को लेकर नगरवासी कभी खुश नहीं रहते हैं। इतना जरूर है कि पिछले एक वर्ष में सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार आया है। इसी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन नया प्रयोग करने जा रहा है।
इसके लिए नगर सोशल प्लेटफार्मों का सहारा लेगा। इसमें सोशल साइटों पर नगर निगम अपना अकाउंट बनाएगा। इस पर नगर वासियों को जिन स्थानों से कूड़ा नहीं उठता, उस स्थान की फोटो अपलोड करनी होगी। फोटो अपलोड होते ही नगर निगम की सफाई टीम सक्रिय हो जाएगी। इसके लिए सफाई कर्मचारियों को वायरलेस सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसका कंट्रोल रूम नगर निगम कार्यालय में बनाया जाएगा। ये पूरा कार्य नगर आयुक्त की निगरानी में होगा। इसकी पूरी कार्य योजना तैयार हो रही है। एक सप्ताह में योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा।
राममंदिर निर्माण के साथ गारबेज फ्री होगा शहर
अयोध्या नगर निगम में इलाके में लगभग 130 एमटी कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। राममंदिर निर्माण के बाद कूड़ा 300 एमटी के आसपास निकलने का अनुमान है। इसके लिए नगर निगम में 500 करोड़ की लागत से गारबेज फ्री योजना प्रस्तावित है। इसमें एक बड़ा वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट लगना है। इसके लिए नगर निगम ने शहर की सीमा के बाहर सिड़सिड़ गांव में भूमि चिह्नित की है।
हालांकि अभी तक भूमि का क्रय नहीं हो सका है। दूसरी ओर शहर को गारबेज फ्री करने के लिए सिर्फ डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया। शहर से सभी डंपिंग सेंटरों पर कूड़ा फेंकने की मनाही होगी। जबरन कूड़ा फेंकने वालों पर कार्यवाही भी की जाएगी। नगर निगम तो पूरी योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी में लगा है।
नगर निगम की मौजूदा सफाई व्यवस्था को जनसामान्य से जोड़ना है। इसके लिए सोशल साइटों का सहारा लिया जाएगा। कूड़ायुक्त स्थान की फोटो डालने पर तुरंत कूड़ा उठेगा। साथ ही इस व्यवस्था को संचालित करने के लिए सफाई कर्मचारियों को वायरलेस से लैस किया जाएगा। इस सब का फायदा ये होगा कि नगरवासियों को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
विशाल सिंह, नगर आयुक्त, अयोध्या नगर निगम