राम मंदिर परिसर में चल रहा नींव की पाइलिंग का काम।
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अयोध्या। राम मंदिर परिसर में शुक्रवार से शुरू हुई पाइलिंग टेस्टिंग का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर निर्माण के लिए शुक्रवार से नींव खोदाई शुरू हुई थी। शनिवार को दूसरे दिन भी यह कार्य जारी रहा। यह पिलर सौ फीट गहरा और एक मीटर व्यास का होगा। पिलर बनने के एक माह बाद अक्तूबर में इसकी भार क्षमता व भूकंपरोधी रिपोर्ट आएगी। इसके अध्ययन के बाद शेष 1199 खंभों की पाइलिंग का काम शुरू होगा।
बताया गया कि रिंग मशीन के जरिए एक मीटर व्यास के सौ फीट गहराई में खोदाई के बाद कंकरीट गलाने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि टेस्ट पाइलिंग का कार्य पूरा होने के बाद एक माह तक पिलर के सेट होने की प्रतीक्षा की जाएगी। इसके बाद भूमिगत पिलर की ताकत को जांचा जाएगा।
आईआईटी चेन्नई के इंजीनियर करीब एक माह बाद भूमिगत पिलर की ताकत का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देंगे तब यह तय होगा कि पिलर की ताकत बढ़ाने के लिए किसी अन्य रसासन की जरूरत पड़ेगी या नहीं। यदि पाइलिंग टेस्टिंग का काम सफल होता है तो इसी तरह परिसर में 1200 खंभों की ढलाई की जाएगी इसी पर राममंदिर आधारित होगा। हमारी मंशा है कि राममंदिर के निर्माण में कोई तकनीकी खामी न रह जाए, राममंदिर सदियों तक अक्षुण्ण बना रहे यही हमारा प्रयास है।
अभी परिसर पहुंचेगी कई और मशीनें
उधर, राम मंदिर निर्माण के लिए अभी करीब आधा दर्जन मशीनों का आना बाकी है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर शेष मशीनें भी अयोध्या पहुंच जाएंगी, मशीनें रास्ते में हैं। राममंदिर निर्माण में चूंकि करीब 21 बड़ी-बड़ी मशीनों का प्रयोग किया जाना है। ऐसे में उनको संचालित करने के लिए भी ट्रस्ट जरूरी संसाधनों को एकत्र करने में जुटा है। बताया जा रहा है कि यह मशीनें हाईपावर की हैं, इसलिए इन्हें चलाने के लिए हाईपावर कनेक्शन की भी आवश्यकता होगी। इसको देखते हुए हाईपावर कनेक्शन के लिए ट्रस्ट ने पावर कारपोरेशन में आवेदन कर दिया है। इसी तरह वाटर ओवर हैंड टैंक, सीवर सिस्टम की भी व्यवस्था की जा रही है।