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कोरोना से जंग लड़ने की कवायद में अब संत-धर्माचार्य भी उतरे, बोले- मंदिर खुले रहेंगे, लेकिन घर में ही मनाएं रामनवमी

Sat, 21 Mar 2020 04:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अयोध्या
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से जंग लड़ने की कवायद में अब संत-धर्माचार्य भी उतर गए हैं। शीर्ष संतों ने शुक्रवार को कहा कि रामनगरी के मंदिर बंद नहीं होंगे, लेकिन रामभक्त कोरोना से सतर्क रहें। रामनवमी मेले में आने से बचने की कोशिश करें।
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लोग घर में ही विधिवत रामनवमी मनाएं। कोरोना मानवता के लिए खतरनाक है। इसी के साथ प्रशासन से मांग भी की गई है कि विराजमान रामलला समेत बड़े मंदिरों में जन्मोत्सव का उत्साह रामभक्तों तक लाइव प्रसारण के जरिए पहुंचाए जाएं।

उधर, संतों की मांग पर जिला प्रशासन ने जन्मोत्सव के चलने वाले कार्यक्रमों को भक्तों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। अयोध्या में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला   बढ़ने और नवरात्र मेला में आने वाली अपार भीड़ की आशंका से प्रशासन  हांफ रहा है।
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25 मार्च से शुरू होने जा रहे रामनवमी मेले में भी लाखों भक्तों के आगमन की संभावना है। डीएम अनुज कुमार झा व एसएसपी आशीष तिवारी दो दिन से संतों को मनाने में जुटे थे। लगातार कोशिशों के बाद शुक्रवार को संत-धर्माचार्यों ने कोरोना पर चुप्पी तोड़ी।
 

रामनगरी से जन्मोत्सव के सीधे प्रसारण की होगी व्यवस्था : डीएम

लोगों से रामनगरी न आने की अपील की और कोरोना की जंग में सरकार व प्रशासन का साथ देने का वादा किया। हालांकि अयोध्या में हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्त कोरोना के प्रति सतर्क दिखे। कोई मास्क लगाए था तो कोई जगह-जगह हाथ धोता नजर आया। लेकिन कोरोना वायरस के बीच रामनवमी मेला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

प्रशासन के लगातार कोशिशों के बाद संत-धर्माचार्य अब आगे आए हैं और कोरोना से बचने के लिए श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं। संतों का कहना है कि कोरोना को रोकना मानवता के लिए जरूरी है। अयोध्या में कोई भी मंदिर बंद नही होगा लेकिन रामभक्त कम से कम आएं यह आवश्यक है। संतों ने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन का जो निर्देश है उसका हम सभी पालन करेंगे। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने रामनवमी पर रामभक्तों को रामलला के दर्शन घर में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा कहते हैं कि अयोध्या में रामजन्मोत्सव पर मठ-मंदिर नहीं बंद होंगे। लेकिन श्रद्धालु सीमित संख्या में रामजन्मोत्सव में आएं तो अच्छा रहेगा। क्योंकि कोरोना व्यापक रूप ले रहा है, हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा। हमारा प्रयास है कि चुनिंदा प्रमुख मंदिरों से रामजन्मोत्सव का सीधा प्रसारण कराया जाए ताकि भक्त अपने घर से ही राम जन्म का आनंद उठा सकें।
 
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पीएम की अपील के बाद रामकोट की परिक्रमा रद्द

कोरोना के खतरे के चलते सदियों से चली आ रही रामकोट की परिक्रमा को इस वर्ष रद्द कर दिया गया है। विक्रमादित्य महोत्सव समिति के संरक्षक व परिक्रमा के संयोजक पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने शुक्रवार को कोरोना के कारण परिक्रमा को रद्द करने की घोषणा की।

पूर्व सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी की अपील के बाद रामकोट की परिक्रमा को रद्द करने का निर्णय साधु-संतों की सहमति से लिया गया है। कहा कि रामकोट की परिक्रमा सदियों से होती आ रही है। बीच में बंद हो गई तो साधु-संतों ने पुन: वेद मंदिर से परिक्रमा प्रारंभ की।

अब कई वर्षों से मातगैड़ से परिक्रमा हो रही है। लेकिन पीएम की अपील के बाद इस वर्ष परिक्रमा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। अयोध्या में भगवान की कृपा है इसलिए हमारी प्रार्थना होगी कि रामनवमी मेला ठीक ठाक निपट जाए। कहा कि मेला तो होगा, उस पर प्रतिबंध नहीं है। बस भारी संख्या में जो लोग आते थे वो न आएं, घरों में ही रामजन्मोत्सव मनाएं।
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