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राममंदिर ट्रस्ट ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दान दाताओं की सुविधा के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। राममंदिर निर्माण के लिए दान करने के इच्छुक भक्त इस नंबर पर कॉल करके दान से संबंधित समस्त जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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उन्हें व्हाट्सएप पर भी पूरा विवरण दिया जाएगा। इस सुविधा से न सिर्फ राममंदिर निर्माण के नाम पर वसूली रुकेगी बल्कि भक्तों को भी सहायता मिलेगी।
राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक में खाता खोला गया है। सिर्फ इन्हीं बैंक के खाते में धनराशि को जमा किया जा सकता है।
इस प्रक्रिया के लिए ट्रस्ट कार्यालय से दानदाता पूरी जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए नंबर 8009522111 पर काल करें।
ट्रस्ट कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि ट्रस्ट का कार्यालय सुबह नौ से शाम सात बजे तक ही खुला रहता है। इस दौरान पूूरे देश के भक्त कॉल कर दान संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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नंबर पर काल करने के बाद व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक का पूरा विवरण भी भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु ट्रस्ट कार्यालय पर भी पहुंच कर दान कर सकते हैं।
जहां से उनको रसीद भी दी जाती है। ट्रस्ट के मुताबिक कई स्थानों पर राममंदिर निर्माण के नाम पर अवैध वसूली की घटनाएं सामने आ रहीं थी। जिसके बाद ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा व उन्हें जालसाजी से बचाने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर न सिर्फ अयोध्या बल्कि देश के अन्य कई स्थानों पर धोखाधड़ी व अवैध वसूली की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से भी पैसा निकाला जा चुका है।
क्लोन चेक के माध्यम से लखनऊ के एक बैंक से एक सिंतबर 2020 को ढाई लाख और उसके दो दिन बाद साढ़े तीन लाख रुपये निकाले गए।
जब नौ लाख 86 हजार का तीसरा चेक लखनऊ के ही बैंक ऑफ बड़ौदा में लगाया गया तो सत्यापन के लिए ट्रस्ट को लखनऊ से बैंक कर्मी का फोन आया। तब फ्राड का खुलासा हुआ। ट्रस्ट ने इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
राममंदिर निर्माण का काम जोरों पर चल रहा है। नींव के ऊपर 21 फीट ऊंची प्लिंथ ढालने का काम संचालित है। प्लिंथ निर्माण का काम पूरा होने के बाद गर्भगृह को आकार देने का काम शुरू होगा।
इसके लिए अयोध्या सहित राजस्थान के चार स्थानों पर पत्थरों की तराशी का काम चल रहा है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि करीब 45 हजार घनफुट पत्थर कार्यशाला में तराश कर रखे गए हैं।
इनका उपयोग ऊपरी मंजिलों में किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर में लगने वाले सारे पत्थरों को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। गर्भगृह को आकार देने का काम सबसे पहले गुंबद क्षेत्र से शुरू किया जाएगा।
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