विराजमान रामलला के मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) का गठन हो चुका है। इसलिए रामालय की ओर से स्वर्ण संग्रह अभियान समेत जो भी अन्य ट्रस्ट/संस्था या व्यक्ति रामलला के नाम पर धन आदि का संग्रह कर रहे हैं, उन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर दी है। इसकी सूचना ट्रस्ट में गृह मंत्रालय के अफसर ज्ञानेश कुमार ने दी है।
डॉ. अनिल मिश्र, ट्रस्टी व अध्यक्ष के बैंकिंग कामकाज के लिए अधिकृत
राममंदिर के लिए तय हो रहा दान-अनुदान लेने का स्वरूप
- ट्रस्ट के आफिसियों ट्रस्टी व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राममंदिर के लिए चंदा, दान-अनुदान लेने का स्वरूप तय कर रहा है। दान दाताओं को आयकर छूट के लिए 12-ए सर्टिफिकेट प्राप्त करने का आवेदन किया गया है। साथ ही पैन कार्ड के लिए भी पंजीकरण हुआ है। पूरी प्रक्रिया संपन्न होते ही अयोध्या में खोले जा रहे बैंक खाते को सार्वजनिक किया जाएगा। दान लेने का स्वरूप पूरी तरह से पारदर्शी व हाईटेक बनाया जा रहा है। इसके लिए एक वेबसाइट बन रही है, जहां दान-अनुदान समेत भक्तों को अयोध्या के महात्म्य, आगमन से लेकर पूजा-पाठ व ठहरने-घूमने की सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी।
सोना जुटाकर ट्रस्ट को ही देंगे: अविमुक्तेश्वरानंद
रामालय ट्रस्ट के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अमर उजाला को बताया कि देश के 7 हजार गांवों से एक हजार किलोग्राम सोना दान लेने का लक्ष्य है। यह अभियान वाराणसी से शुरू किया गया है। हम सोना जुटाकर अधिकृत ट्रस्ट हो ही देंगे, दानी एफिडेविट के जरिए सोना दे रहे हैं कि हम रामालय के माध्यम से ही दान करना चाहते हैं। ऐसे में सरकार या कोई ट्रस्ट हमें दान लेने से नहीं रोक सकता। हमारे ट्रस्ट में सनातन धर्म के सभी प्रमुख संत-धर्माचार्य व अखाड़े हैं। स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज की खुन्नस के चलते सरकार ने ट्रस्ट में इन संतों को सम्मान नहीं दिया है। हम इसकी लड़ाई पूरे देश में लड़ेंगे। विहिप-संघ व भाजपा की मनमानी से समाज में संकीर्णता आ रही है।