सपा अध्यक्ष ने कहा, अजीब हाल है कि राजधानी पुलिस कमिश्नर भी अब तक कोई करिश्मा नहीं कर पाए हैं। नए डीजीपी साहब तो आते ही टॉपटेन अपराधियों की खोज में लग गए हैं जबकि मुख्यमंत्री का दावा है कि अपराधी या तो जेलों में है अथवा प्रदेश के बाहर चले गए हैं। राज्यपाल ने तो विधानसभा में सरकार की प्रशंसा करने में कोताही नहीं बरती। बेहतर होता कि वे यह भी जानकारी कर लेती कि भाजपा सरकार से जनता कितनी दुखी है ? भाजपा राज में उत्तर प्रदेश ‘हत्या प्रदेश‘ ही नहीं बना है, देश-दुनिया में उसकी बदनामी भी कम नहीं है।