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उल्लास के साथ निकाली राम बारात

Thu, 17 Dec 2015 12:00 AM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मनगरी अयोध्या बुधवार को सीता-राम विवाह के जश्न में डूबी रही। यहां पूरे दिन विवाहोत्सव की धूम रही। शाम होते ही विभिन्न मठ-मंदिरों से भगवान श्रीराम की भव्य बारात गाजे-बाजे व हाथी-घोड़ों और आतिशबाजी की धूम के साथ निकाली गई।
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नगरवासियों व श्रद्धालुओं ने बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती उतारकर स्वागत किया। जय श्रीराम व हर-हर महादेव के नारे गूंजते रहे। संत-धर्माचार्य व श्रद्धालु बाराती रहे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मार्गशीर्ष पंचमी तिथि पर श्री राम विवाहोत्सव का आयोजन होता है।

विअहुति भवन, जानकी महल ट्रस्ट, कनक भवन, बड़ा स्थान दशरथ महल, दिव्यकला कुंज, रूपकला कुंज, श्रीराम बल्लभाकुंज, प्राचीन जगन्नाथ मंदिर, माधुरी कुंज, रंगमहल, रामहर्षण कुंज, रामसखी मंदिर सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में श्रीराम विवाहोत्सव मार्गशीर्ष द्वितीया से ही शुरू हो गया था।
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सूर्य की लालिमा मद्धिम पड़ते ही मंदिरों से प्रतीक भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के दूल्हा स्वरूप और बारातियों में महर्षि गुरु वशिष्ठ, राजा दशरथ, हनुमंत लला, जामवंत आदि से सजी बारात निकलनी शुरू हुई तो देर शाम तक बारात निकलने का क्रम जारी रहा।

प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर व विअहुति भवन और जानकी महल ट्रस्ट की रामबारात की भव्यता देख लोग भावविभोर हो गए।

बैंड-बाजे, हाथी-घोड़ों से सजी बारात सतरंगी आतिशबाजी व झिलमिल रोशनियों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों पर निकली तो धर्माचार्यों के साथ श्रद्धालु जय श्रीराम व रामजी की निकली सवारी... जैसे गीतों को लयबद्ध कर श्रद्धा से प्रफुल्लित रहे।

नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बारात वापस मंदिरों में समाप्त हुई। मंदिरों में बारात के लौटने के साथ ही वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान राम व चारों भाइयों का द्वारपूजा के साथ अन्य विवाह की रस्म उल्लासपूर्ण माहौल में कराई गई।

देर रात मठ-मंदिरों में वैदिक रीति-रिवाज से श्रीराम विवाह की तैयारियां जारी थीं। पूरी रामनगरी सीता-राम विवाह के उल्लासपूर्ण रंग में डूबी थी।

संत-धर्माचार्यों के साथ विअहुति भवन, जानकी महल, रामहर्षण कुंज समेत अन्य मंदिरों में आयोजित हो रहे विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, बंगलुरू, भोपाल, इंदौर, पटना, भागलपुर, मुंगेर, बाढ़, शिवपुरी, उज्जैन, नासिक सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं।
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