अयोध्या। अयोध्याधाम में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के काम में अब और तेजी आएगी। सांसद लल्लू सिंह के प्रयास से उत्तर प्रदेश सरकार ने रेलवे स्टेशन के पास स्थित 93,510 वर्गमीटर नजूल की जमीन रेलवे को देने का निर्णय लिया है। इस जमीन का उपयोग पहले व दूसरे फेज के निर्माण में किया जाएगा। इस जमीन पर स्टेशन के नए टर्मिनल व प्लेटफार्म के साथ 10 मीटर चौड़ा नया रास्ता भी बनेगा।
सांसद लल्लू सिंह के प्रयास तथा रेल मंत्रालय व उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुई बातचीत के परिणामस्वरूप अयोध्या रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को गति मिल गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 93,510 वर्गमीटर नजूल की सरकारी जमीन रेलवे को दी जायेगी। इस जमीन के मूल्य की दूसरी भूमि रेलवे उत्तर प्रदेश सरकार को उपलब्ध कराएगा। यह जमीन मिलने से पहले फेज में चल रहे स्टेशन के निर्माण कार्य को विस्तार व गति मिलेगी। अब नए प्लेटफार्म, पार्किंग व नया रास्ता बनने की राह आसान हो गई है।
गौरतलब है कि अभी स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म हैं, नए स्टेशन पर कम से कम आठ प्लेटफार्म होंगे। एक बड़ी पार्किंग भी बनेगी जिसमें करीब एक साथ पांच हजार वाहन खड़े हो सकेंगे। इसके लिए रेलवे स्टेशन से टेढ़ीबाजार की ओर 10 मीटर चौड़ा नया मार्ग बनेगा, यही स्टेशन का मुख्य प्रवेश मार्ग होगा। यहां दो दर्जन पेयजल बूथ, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 150 से अधिक स्टील की बेंच लगाई जा रही हैं।
150 करोड़ से बन रहे रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। मंदिर के आकार में बन रहा स्टेशन भवन भव्यता के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होगा। दिसंबर 2022 तक नया रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। उद्घाटन के बाद इसका संचालन भी शुरू हो जाएगा। फिनिशिंग का काम भी लगभग पूरा होने के कगार पर है। नए भवन में बुजुर्गों व महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट व एस्केलेटर, अत्याधुनिक वातानुकूलित वेटिंग रूम, वाशरूम, पेयजल बूथ, फूड प्लाजा समेत अन्य सुविधाएं तैयार हो चुकी हैं। पूरे भवन को वातानुकूलित बनाया गया है।
सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि अयोध्या रेलवे स्टेशन के पहले फेज के विस्तार तथा दूसरे फेज के लिए जमीन की आवश्यकता थी। जमीन उपलब्ध न हो पाने के कारण दोनों फेजों का काम बाधित था। इसे लेकर रेलवे व उत्तर प्रदेश सरकार के बीच लगातार वार्ता हो रही थी। रेलमंत्री व रेलवे प्रशासन के प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को 93,510 वर्गमीटर जमीन रेलवे को देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से स्थापित हो रही है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। श्रद्धालुओं व पर्यटकों को विश्व मानकों के अनुसार सुविधाएं देने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। इसके लिए अयोध्या को योजनाओं की शृंखलाएं मिली हैं। भव्य रूप से निर्मित हो रहा अयोध्या रेलवे स्टेशन पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।