इंडियन काउंसिल फार चाइल्ड वेलफेयर की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ की ओर से नगर कोतवाली के गांधीनगर नाका निवासी अरुण कुमार सिंह को भेजे गए पत्र में कहा है कि मास्टर शिवांश सिंह को आईसीसीडब्ल्यू की ओर से राष्ट्रीय वीरता पदक 2015 के लिए चुना गया है। यह पदक दिल्ली में प्रधानमंत्री भारत सरकार की ओर से गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर दिया जाएगा।
पत्र में कहा गया है कि 16-17 जनवरी को दिल्ली पहुंचने के बाद वापसी 26 जनवरी की शाम अथवा 27 जनवरी की सुबह होगी। इस आशय की जानकारी सचिव उत्तर प्रदेश स्टेट काउंसिल फार चाइल्ड वेलफेयर, लखनऊ को भेजी गई है।
गुप्तारघाट पर शिवांश समेत दो की हुई थी मौत
बीती 17 जून 2015 की सुबह नगर कोतवाली के नाका क्षेत्र स्थित मकान नंबर 107 गांधीनगर निवासी 15 वर्षीय अनिल सरस्वती विद्या मंदिर का छात्र शिवांश सिंह मोहल्ले के ही रहने वाले सहपाठी 16 वर्षीय विवेक पाठक पुत्र जगन्नाथ पाठक के साथ ट्यूशन के लिए कोचिंग निकला था।
रास्ते में उसके तीन अन्य मित्र मिले और सभी ने मिलकर सरयू स्नान का प्रोग्राम बनाया और कोचिंग न जाकर सभी कैंट थाना क्षेत्र के गुप्तारघाट पहुंच गए। गुप्तारघाट पहुंचे पांचों मित्रों ने घाट से किराये पर नाव ली और नाव पर सवार होकर धारा के बीच स्थित डेल्टा पर पहुंच गए और वहां से नाव को वापस कर दिया था।
कुछ देर डेल्टा पर मौज-मस्ती के बाद विवेक व शिवांश स्नान के लिए नदी की धारा में उतरे थे कि विवेक सरयू की धारा में डूबने लगा था। दोस्त ने जान बचाने के लिए गुहार की तो तैराकी मेें जिला स्तरीय मेडल हासिल शिवांश अपने दोस्त को डूबने से बचाने की कवायद में जुट गया। कुछ देर तक तेज नदी की धारा में उसका संघर्ष चला लेकिन अंजाम तक न पहुंच सका और साथी की जान बचाने की कवायद में वह भी सरयू के गहरे पानी में डूब गया था।
मौके की नजाकत देख डेल्टा पर मौजूद अन्य साथियों ने मोबाइल से फोनकर नाविक को बुलाया और वापस घाट पहुंच चुपके से सरक गए। इसके चलते पुलिस को काफी देर बाद मामले की जानकारी हुई थी। पुलिस की ओर से अयोध्या से मोटरवोट व लाइफ जैकेट के साथ पीएसी के गोताखोरों को बुलाया गया और तलाश में लगाया गया।
विवेक पाठक पुत्र जगन्नाथ पाठक मूल निवासी बारुन बाजार थाना इनायतनगर हालपता गांधीनगर नाका का शव उसी दिन बरामद हो गया था, लेकिन शिवांश सिंह पुत्र अरुण कुमार सिंह मूल निवासी सेमरौना थाना कूरेभार जिला सुतलानपुर हाल पता 107 गांधीनगर नाका फैजाबाद का शव दूसरे दिन मिल पाया था।
प्रतिभावान था शिवांश
दोस्त की जान बचाने में कुर्बान होने वाले शिवांश का परिवार खुद का रोजगार करता है। उनके पिता अरुण कुमार सिंह की नाका नवीन मंडी के पास आटो पार्ट्स व रेडीमेट कपड़ों की दुकान है। मृतक छात्र का छोटा भाई 10 वर्षीय अंश सिंह क्षेत्र के सन बीम स्कूल में पढ़ता है। शिवांश के क्लास टीचर सुनील कु मार द्विवेदी का कहना है कि उसने स्कूल में कक्षा छह में प्रवेश लिया था। वह अक्सर अपने दोस्तों की मदद के लिए तत्पर रहता था, जिसके चलते उसको कई बार डांट पड़ी, लेकिन कभी प्रतिरोध नहीं किया।
स्टेडियम के तैराकी प्रशिक्षक राज कुमार यादव व तैराकी संघ के जिला सचिव शिवकरन सिंह का कहना है कि शिवांश में अव्वल होने की ललक तो थी ही, लेकिन वह साथी तैराकों की पूरी मदद किया करता था। छात्र के चाचा रणविजय सिंह का कहना है कि शिवांश तो अब कभी लौटकर नहीं आएगा। वीरता पदक मिलना शिवांश को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।