बीकापुर। हैदरगंज थाना क्षेत्र के कोरोराघवपुर गांव में करीब चार माह पूर्व हुई दलित की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के भाई की मांग पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मृतक के शव को कब्र से खोदवाकर वीडियोग्राफी के बीच चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने, विवेचना अन्य क्षेत्राधिकारी से कराने और पीड़ित परिवार को समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता दिलाने का आदेश दिया है।
मृतक के भाई विक्रम सरोज का आरोप है कि बीते 14 फरवरी को कोरो राघवपुर निवासी करिया उर्फ कृष्ण कुमार पासी अपने गांव में ही आयोजित एक भंडारे में शामिल होने गया था। वहां मौजूद गांव के ही एक व्यक्ति ललऊ सिंह उर्फ सत्यप्रकाश सिंह द्वारा शराब पीने के लिए उनके भाई से पैसा मांगा गया।
उनके भाई के मना करने पर आरोपी द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पेट में लात घूंसा से मारा गया। जिससे उनके भाई की 16 फरवरी को सुबह मौत हो गई। पीड़ित द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लीपापोती का आरोप लगाया है। मामले में हैदरगंज पुलिस द्वारा धारा 504, 304 तथा दलित एक्ट का अभियोग कायम हुआ तथा शव को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी मिलने के बाद पता चला कि पेट में आई गंभीर चोटों का हवाला रिपोर्ट में नहीं दिया गया और मृतक के फेफड़े को खराब होना दर्शाते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर दिया गया है। जबकि उनका मृतक भाई घटना से पूर्व पूर्ण रूप से स्वस्थ था। घटना के दिन भी मजदूरी करके घर वापस आया था। कभी किसी बीमारी की शिकायत नहीं थी।
पीड़ित के भाई विक्रम सरोज द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को भेजे गए शिकायत मांग पत्र पर आयोग द्वारा 20 मई 2020 को पत्र भेजकर कार्यवाही करने के लिए एसएसपी को आदेशित किया गया है। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही न होने से आहत पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक को मांग पत्र भेज कर आदेश का अनुपालन कराए जाने की मांग किया है।