पॉजिटिव मरीज मिलने के अपना बेड चेंज करवाते अन्य मरीज।
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अयोध्या। हार्निया के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज के ट्रूनेट मशीन से हुई जांच में कोरोना पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया। हालांकि, इस रिपोर्ट को संदिग्ध मानकर आरटी पीसीआर जांच कराने के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। लेकिन अगली रिपोर्ट आने तक इलाज करने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्यकर्मी भयभीत हैं।
रौनाही के एक गांव निवासी व्यक्ति ने हार्निया से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरसी गुप्ता को दिखाया था। जरूरी जांचें करवाकर ऑपरेशन करने के लिए उसे मंगलवार को जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया था।
ऑपरेशन से पहले नियमानुसार मरीज की कोविड-19 की जांच बुधवार को आरडीसी में स्थापित ट्रूनेट मशीन से कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे नमूना लेने वाले एलटी, जांच करने वाले कर्मचारी, इलाज करने वाले चिकित्सक व वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स व स्वीपर आदि में हड़कंप मच गया।
हालांकि, अभी इस रिपोर्ट को पुख्ता नहीं माना जा रहा है और पुष्टि के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। फिर भी बिना सुरक्षा किट के संपर्क में आए इन स्वास्थ्यकर्मियों में भय व्याप्त है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि ट्रूनेट मशीन से एक प्रकार से स्क्रीनिंग किया जाता है। निगेटिव आने वाली रिपोर्ट निगेटिव मान लिया जाता है, लेकिन पॉजिटिव आने पर उसकी पुष्टि के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट करने का निर्देश प्राप्त है। इसलिए अन्य मरीजों को वार्ड से हटाकर वार्ड को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
मरीज को पीसीआर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। उस जांच में भी पॉजिटिव आने पर ही मरीज को पॉजिटिव माना जाएगा। डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि उस मरीज के सामने सिर्फ एक मरीज ही भर्ती था, जिसे भी अलग कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को उसकी भी जांच कराई जाएगी। साथ ही वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है।