अयोध्या। ग्रामीणांचल में कोरोना से बचाव के लिए शुरू किया जा रहा टीकाकरण का पायलट प्रोजेक्ट पहले दिन गुरुवार को जिले में हवा-हवाई साबित हुआ। प्रचुर मात्रा में वैक्सीन न मिल पाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान की शुरुआत नहीं हो सकी।
सिर्फ अस्पतालों में चल रहा सामान्य टीकाकरण ही संचालित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पायलट प्रोजेक्ट को लेकर कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से आमजन को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा है। मुख्यमंत्री के पायलट प्रोजेक्ट के तहत सप्ताह भर से ही चार विकास खंडों में अभियान के तहत करीब 13 हजार लोगों को प्रतिदिन टीका लगाया जा रहा है।
अगले चरण में सभी विकास खंड क्षेत्रों में अभियान को वृहद स्तर पर चलाया जाना है। जिले भर में गुरुवार से अभियान की शुरुआत की जानी थी। इसके लिए विभाग की ओर से माइक्रो प्लान तैयार किया जा चुका है।
जिसके अनुसार विकास खंड क्षेत्र में क्लस्टर जोन बनाए जाने थे। प्रत्येक क्लस्टर जोन में 10 से 12 गांवों को शामिल किया गया था। एक साथ 150 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाना है।
जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन शासन की ओर से प्रचुर मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध न हो पाने के कारण गुरुवार से अभियान की शुरुआत नहीं हो सकी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले भर में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होने से प्रतिदिन 150 से अधिक सत्रों का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा। जिसके लिए करीब 30 हजार खुराक की प्रतिदिन उपलब्धता आवश्यक है।
जबकि बुधवार को 48 सौ व 55 सौ खुराक प्राप्त हुईं हैं। इतनी कम संख्या में मिल रही खुराक से सिर्फ सामान्य रूप से चल रहा टीकाकरण ही गुरुवार को संचालित किया गया।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार वैक्सीन की आपूर्ति कम होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में टीमों के माध्यम से टीकाकरण का कार्य नहीं हो पाया। सीएचसी मिल्कीपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएन द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में टीकाकरण का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। टीमों के सदस्यों का चयन भी हो गया है।
सभी ब्लॉकों में गुरुवार सेपायलट प्रोजेक्ट के तहत टीकाकरण किया जाना था। जिसकी तैयारी की गई है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध न हो पाने की वजह से अभियान की शुरुआत नहीं हो सकी। जबकि, अन्य अस्पतालों में सामान्य रूप से टीकाकरण कराया गया है।-डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमओ, अयोध्या