रामनगरी में संत-धर्माचार्यों समेत हजारों श्रद्धालुओं ने नवसंवत्सर महोत्सव विक्रमी संवत् 2074 के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर मंगलवार दोपहर बाद रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा की। परिक्रमा के समापन पर संत-धर्माचार्यों व श्रद्धालुओं ने अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के साथ समूचे राष्ट्र को राममय बनाने का संकल्प भी लिया।
भाजपा के राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने कहा कि जिस तरह काबा का धर्म स्थल बदला नहीं जा सकता है, उसी तरह काशी, मथुरा और अयोध्या हमारी आस्था का सवाल है। बाबर के नाम पर कहीं मस्जिद नहीं बनेगी।
कटियार भगवदाचार्य स्मारक सदन में रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा आरंभ होने के पूर्व विक्रमादित्य महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लड़ाई लंबी है। 78 बार युद्ध हो चुके हैं। 3.5 लाख लोगों ने बलिदान दिया है।
अगर कोई कहता है कि अगल-बगल मंदिर मस्जिद बने तो यह संभव नहीं है। जरूरत पड़ी तो हम और भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। कहा कि सरयू के उस पार मस्जिद बनाओं लेकिन बाबर के नाम पर नहीं। बाबर लुटेरा था, यहां के कुछ तथाकथित लोग मस्जिद की बात करते हैं।
अयोध्या के अड़गड़ा में एक मस्जिद बन रही है। किसी ने नहीं रोका। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि यह आस्था का सवाल है तो परेशानी क्या है। मुस्लिम पक्ष वार्ता से भाग रहा है। वहां जो भी है हमारा है। वहां सरकारों द्वारा नहीं अदालत से निर्णय आएगा तो निर्माण होगा।
संतों ने कहा कि राम मंदिर श्री राम जन्मभूमि पर बनेगा, बाबर के नाम पर कोई मस्जिद कहीं नहीं बनेगी। संतों ने कहा कि मुस्लिम राम जन्म भूमि को लेकर व्यवधान न डाले, उन्हें आगे आकर मदद करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पहल कर दी है। वह दिन दूर नहीं कि अगले वर्ष महोत्सव के साथ मंदिर बनता रहेगा।
कार्यक्रम को श्री राम जन्म भूमि न्यास समिति के कार्याध्यक्ष मंहत नृत्य गोपाल दास, अधिकारी राजकुमार दास, शशिकांत दास, डॉ. सुनीता शास्त्री, छोटी छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, महंत मैथिलीरमण शरण दास, महंत करुणानिधान शरण, पुजारी रामदास, ज्ञानी गुरजीत सिंह, राघवाचार्य, मनमोहनदास, रामायणी कमलेश दास आदि संतों ने संबोधित किया।
इससे पूर्व मतगजेंद्र बाबा का पूजन कर धर्माचार्यों व श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के नारों के बीच रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा आरंभ की। लगभग दो घंटे के अंतराल में संतों व श्रद्धालुओं ने परिक्रमा पूरी की। कार्यक्रम में अयोध्या के संत-महंतों के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।