कोर्ट ने गुलाब सिंह, उसकी पत्नी गुड़िया सिंह व उसके भाई गुलशन सिंह को अपहरण का दोषी पाते हुए उन्हें तीन-तीन साल के कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
जबकि हुकुम सिंह को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सात साल के कारावास व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
मामला बीकापुर कोतवाली का है। फैसला द्रुतगामी न्यायालय के जज राजेश्वर शुक्ल की अदालत से हुआ। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पीएम कुद्दूसी ने बताया कि घटना 23 अप्रैल साल 2010 की है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को गांव के ही चार लोग अगवा करके गोंडा ले गए। आरोप है कि वहां किशोरी के साथ रेप किया गया।
12 मई 2010 को पुलिस ने किशोरी को मलेथू कनक स्टेशन से बरामद किया था। इसकी रिपोर्ट पीड़ित किशोरी के पिता ने उक्त अभियुक्तों के खिलाफ लिखाई थी। विचारण के बाद अदालत ने चारों लोगों को दोषी पाते हुए सजा दी।