तीनों लोगों पर संघ विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप है। इसी आरोप के चलते उपाध्यक्ष को पूर्व में निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई मंगलवार को हुई बार की बैठक में संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने की। निलंबित अधिवक्ता ओं को नोटिस दी जाएगी।
वाहन स्टैंड दिलाए जाने के प्रकरण पर बार एसोसिएशन आंदोलित है। मंगलवार को आंदोलन के क्रम में जिलाधिकारी के कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम था। जिलाधिकारी तहसील दिवस में चले गए।
इसकी जानकारी होने पर वकीलों ने घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इसके बाद बार एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में कुछ वकीलों ने प्रस्ताव दिया कि बार उपाध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष सूर्यभान वर्मा व एक अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्र संघ के विरोध में पर्चा बांट रहे हैं और संघ विरोधी कार्यों में लिप्त रहते हैं।
इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाय। चर्चा कराने के बाद दोनों को संघ की सदस्यता से एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया। उपाध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी को बार की बैठक में संघ विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते निलंबित किया गया था।
अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि श्री तिवारी की सदस्यता फर्जी पाई गई जिसके चलते उन्हें आजीवन संघ की सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को वकीलों को प्रापर ड्रेस में धरना स्थल पर 11 बजे दिन में उपस्थित होने को कहा गया है।