इससे कर्मियों का वेतन का मामला फिर लटक गया। कृषि विवि में पिछले काफी समय से प्रबंध परिषद अध्यक्ष व कुलपति प्रो. अख्तर हसीब पर बैठक बुलाने का दबाव था।
हर तीसरे माह पर बैठक का नियम है। इससे नए वित्तीय वर्ष का वार्षिक बजट नहीं अनुमोदित हो सका है। अनुमोदन न होने से कर्मियों को बीते दो माह से वेतन भी नहीं मिला है।
नियमों के अनुसार अप्रैल माह का वेतन बाई-सर्कुलेशन के माध्यम से निकाल दिया गया था। इसके बाद नियम न होने से बजट अनुमोदित होने का इंतजार हो रहा था।
अनुमोदन प्रबंध परिषद की बैठक में सदस्यों के बीच चर्चा के बाद होता है। बैठक आमंत्रित किए जाने की मांग काफी दिनों से हो रही थी। जैसे-तैसे मंगलवार को विवि प्रशासनिक भवन में बैठक आयोजित हुई।
मगर शुरुआत से ही परिषद सदस्यों ने कुलपति की कार्यशैली के खिलाफ हमला बोल दिया। सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर कुलपति को घेरते हुए विरोध किया।
एक सदस्य ने जैसे ही निंदा प्रस्ताव लाया, हंगामा तेज गया और मजबूरन कुलपति को बैठक स्थगित करनी पड़ी। इससे कर्मियों की वेतन मिल जाने की आस भी अधूरी रह गई है।
विवि मीडिया प्रभारी उमेश पाठक ने बैठक में किसी प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं होने की जानकारी दी। कहा कि हंगामे के कारण बैठक रद्द करनी पड़ी।
उधर, प्रबंध परिषद सदस्य वंशीलाल यादव ने बताया कि सदस्यों ने कुलपति की कार्यशैली की वजह से बैठक में निंदा प्रस्ताव लाया, जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा।