बताया जा रहा कि जिलाधिकारी व एसएसपी से अनुमति मिल जाने के बाद सहायक अभियंता छविनाथ सिंह यादव ने सरकारी अभिलेख गायब करने को लेकर लिपिक के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दे दी है।
बताते चलें कि मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन इरीगेशन डिपार्टमेंट के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा ने संघ के नाम पर सरयू नहर कॉलोनी स्थित एक्सईएन का टाइप-4 बंगला अवैध रूप से कब्जा लिया है।
जबकि उसे वहीं पर आवास भी आवंटित है। कई बार नोटिस दिए जाने पर उसने बंगला खाली नहीं किया तो इस मामले में उसके वेतन से रिकवरी शुरू हो गई। इस पर उक्त लिपिक ने अपने बचाव में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अफसरों पर बिना टेंडर और बिना कार्य कराए लाखों के घोटाले का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
यही नहीं उक्त लिपिक ने अपने समर्थन में कर्मचारी नेताओं से आंदोलन की शुरुआत भी करा दी। जबकि विभागीय लोग बताते हैं कि उसने दबंगई के बूते न केवल बंगले पर कब्जा किया है। बल्कि अपनी पत्नी के नाम की फर्म से अफसरों की शह पर विभाग में ठेकेदारी भी करता है।
शिकायत पर जब नकेल कसी गई, तो उसने उप खंडीय कार्यालय के तमाम राजकीय अभिलेख गायब कर दिये। लिपिक की यह हरकत अधिशासी अभियंता सहित अन्य अफसरों को भी नागवार गुजरी। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति मांगी।
बताते हैं कि डीएम स्तर से अनुमति मिल जाने के बाद एसएसपी ने भी मुकदमा दर्ज कराने को सहमति दे दी है। इसके बाद सहायक अभियंता छविनाथ सिंह यादव ने कैंट थाने में तहरीर सौंप दी। थानाध्यक्ष कैंट आरएन सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है, पर व्यस्तता होने से अभी मुकदमा नहीं दर्ज हो पाया है।