फैजाबाद (ब्यूरो)। धर्मनगरी में प्रसाद में लइया, इलाईची दाना और गट्टा खूब बिक रहा है। रामलला को प्रसाद के रूप में इलाईची दाना ही चढ़ाया जाता है। मगर इस प्रसाद में बड़े पैमाने पर नील मिलाए जाने की आशंका के मद्देनजर खाद्य विभाग ने मेला क्षेत्र से दो नमूने भरे हैं।
मेला क्षेत्र में दस इलाईची दाना और गट्टे की फैक्ट्रियां हैं। इनमें बनाए जाने वाले प्रसाद में बड़े पैमाने पर नील मिलाए जाने की आशंका है। अभिहित अधिकारी वीके पांडेय ने बताया कि नील नॉन परमीटेड कलर में आता है।
इसको मिलाने से इलाईची दाना और गट्टा में तो साइनिंग आ जाती है, लेकिन इसे पचाने के लिए आंतें संक्रमित होने लगती हैं। इस प्रकार के प्रसाद के सेवन से लोगों को बेचैनी और उलझन हो सकती है। उन्होंने बताया कि प्रसाद में साफ नील दिख रहा था।
नतीजतन नयाघाट चौराहे से गट्टा का नमूना संकलित किया गया है। इसके अलावा श्रृंगारहाट से इलाईची दाना का नमूना भरा गया है। दोनों नमूनों को प्रदेश स्तरीय लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। साथ ही लैब के अधिकारियों को प्रसाद में नील की जांच करने के लिए सलाह दी गई है।