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भक्ति पथ से हटाए कब्जे, दौड़ा बुलडोजर, व्यापारियों में हड़कंप

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अयोध्या-रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग पर स्थित संस्कृत विद्यालय को गिराती बुलडोजर व मौके पर मौजूद - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रामनगरी में शृंगारहाट से रामजन्मभूमि मार्ग को भक्ति पथ के रूप में विकसित करने की कार्रवाई गुरुवार से शुरू हो गई। तीन दिन पूर्व प्रशासन द्वारा कराई गई मुनादी के बाद गुरुवार को रामजन्मभूमि इलाके में जैसे ही बुलडोजर पहुंचा व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
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प्रशासन ने रामजन्मभूमि जाने वाले रास्ते पर स्थित संस्कृत विद्यालय सहित कुछ दुकानों को जमींदोज कर दिया। व्यापारी विरोध की रणनीति बनाते रहे, लेकिन भारी पुलिस बल के समक्ष उनकी एक न चली।
बताते चलें कि करीब सवा किमी. शृंगारहाट से रामजन्मभूमि मार्ग का 14 मीटर तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इस मार्ग को भक्ति पथ के रूप में विकसित किया जाना है। इसी को लेकर गुरुवार से कार्रवाई शुरू की गई।
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इस दौरान दर्शनार्थियों को अलग रास्ते से दर्शन के लिए भेजा गया। सड़क चौड़ीकरण की जद में करीब 350 दुकानदार आ रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि चौड़ीकरण के लिए चिह्नित स्थानों को खाली करने के लिए तीन दिन पहले ही मुनादी कराई गई थी।
चौड़ीकरण की जद में आने वाले मालिकों व दुकानदारों को मुआवजा बांटा जा चुका है। उधर व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन मनमाने ढंग से कार्रवाई कर रहा है और जो वादा किया था उससे भी मुकर गया है।
आरोप लगाया कि प्रशासन ने दुकान के पीछे दुकान व विस्थापित दुकानदारों को स्थापित करने की बात कही थी लेकिन प्रशासन की कार्रवाई से ऐसा लग रहा है कि प्रशासन अपने वादे से मुकर रहा है।
व्यापारियों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि चूंकि सावन मेला शुरू हो गया है। मेलों पर ही अयोध्या के व्यापारियों की आजीविका आधारित है। इसलिए मेला बाद प्रशासन चौड़ीकरण की कार्रवाई करे।
फिलहाल प्रशासन व व्यापारियों के बीच शुक्रवार को एक बार फिर समन्वय बैठक आहूत की गई है। जिसमें आगे प्रशासन की क्या योजना है वह स्पष्ट हो सकेगा।
ठीक सावन मेले के समय प्रशासन की कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश है। सांसद लल्लू सिंह व नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता भी एक दिन पूर्व हुई मेला बैठक में व्यापारियों के समर्थन में आवाज बुलंद कर चुके हैं।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह का दावा है कि चौड़ीकरण की जद में 350 दुकानदार आ रहे हैं। बताया कि यहां दो तरह के लोग हैं, एक जिनकी जमीन है दूसरे जो दुकानदार हैं। जमीन का मुआवजा हम पूरा दे चुके हैं।
जो दुकानदार हैं और जिनका पुनर्वास होना है। उसमें करीब 350 दुकानदार हैं। जिनमें से 190 लोगों के खाते में हम पैसा डाल चुके हैं। बताया कि इस मार्ग पर तीन तरह के दुकानदार हैं।
एक दुकानदार वो हैं जिनके पास अपनी खुद की जगह बची हुई है। उनसे हम कह रहे हैं कि वे पहले अपनी दुकान बनाएं, ताकि रास्ता खाली हो सके। दूसरे वो हैं जिनके पास पीछे जगह नहीं बच रही है, लेकिन उनके पीछे हनुमानगढ़ी की जमीन खाली पड़ी है।
इनके लिए हमारी संतों से वार्ता हुई है कि वे दुकानदारों को अपनी शर्तों पर किराए पर जमीन दे दें। तीसरे वो दुकानदार हैं जो पूर्णता विस्थापित हो रहे हैं। अभी उन दुकानदारों पर फोकस कर रहे हैं, जिनके पीछे जगह बची है।
उनके खाते में पैसा जा चुका है। आज जो स्थल तोड़े गए हैं वह पूरी तरह खाली थे। प्रशासन का कहना है कि हम जबरन कोई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं करेंगे। जिन दुकानदारों ने अपना निर्माण कार्य कर लिया है, पहले उन्हें खाली कराएंगे।
जिनकी दुकान के पीछे खाली स्थान पर दुकान बन जाएंगी फिर उन्हें खाली कराएंगे। कहा कि अभी हम पूर्णता विस्थापित हो रहे दुकानदारों से वार्ता नहीं कर रहे हैं। हम उन्हें विकल्प दे रहे हैं। पहले बसाएंगे फिर हटाएंगे।
बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए कौशलेश कुंज में 38, टेढ़ी बाजार प्रथम में 214, टेढ़ी बाजार द्वितीय में 36 दुकानों का निर्माण हो रहा है। जहां इन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुकानें दी जाएंगी।

अयोध्या-रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग पर स्थित संस्कृत विद्यालय को गिराती बुलडोजर व मौके पर मौजूद- फोटो : FAIZABAD

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