अयोध्या। अयोध्या कैंट से सुल्तानपुर रेल खंड पर अब 100 किमी. प्रति घंटे की गति से ट्रेनें दौड़ेंगी। इसके लिए मुख्य संरक्षा आयुक्त उत्तरी परिक्षेत्र ने अनुमति दे दी है।
अयोध्या कैंट से बाराबंकी रेल खंड पर विद्युतीकरण का कार्य भी मार्च माह में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस पूरे रेल खंड पर विद्युत ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
अयोध्या कैंट से सुल्तानपुर, अकबरपुर व कटरा (गोंडा) रेल खंड पर विद्युतीकरण का कार्य दिसंबर 2021 में ही पूरा हो चुका है। सीसीआरएस की टीम ने इन सभी रूट पर विद्युत ट्रेनों का सफलतापूर्व ट्रायल भी कर लिया था।
अब इस रेल खंड पर यात्री एवं मालवाहक गाड़ियों का 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से संचालन हो सकेगा। इस सिंगल लाइन रेल खंड की कुल दूरी लगभग 58 किलोमीटर है।
इससे पूर्व इस रेलखंड पर 50 किमी. प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा से गाड़ियों का संचालन होता था। पहले इस रूट पर डीजल ट्रेनों का संचालन होता था।
दिसंबर 2022 में इस रूट का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद सीसीआरएस की टीम के ट्रायल के बाद जनवरी 2021 में विद्युत ट्रेनों को चलाने की अनुमति दे दी गई थी।
इसी क्रम में इस रेलखंड की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एवं संरक्षा संबंधी मानकों को जांचने, परखने एवं आवश्यक प्रणाली को निर्धारित करने के उपरांत बुधवार को रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने इस रूट पर 100 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से विद्युत ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी।
इस गति सीमा में वृद्धि के बाद इस रेलखंड पर कम समय में अधिक दूरी तय की जा सकेगी। जिससे यात्री गाड़ियां एवं मालवाहक गाड़ियां कम समय लेते हुए अपने निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेगी।
गति सीमा में वृद्धि के बाद अयोध्या कैंट से सुल्तानपुर रेल खंड पर अब 100 किमी. प्रति घंटे की गति से ट्रेनें दौड़ेंगी। जिससे यात्री गाड़ियां एवं मालवाहक गाड़ियां कम समय लेते हुए अपने निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेगी। अयोध्या कैंट से बाराबंकी रेलखंड के बीच विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। जो मार्च माह में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद बाराबंकी रेलवे स्टेशन से अयोध्या तक ही नहीं वाराणसी, सुल्तानपुर, गोरखपुर तक इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों से यात्रा की जा सकेगी।- रेखा शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक