अयोध्या। अब जल्द मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचंद्र अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट साकार रूप लेगा। लगभग साढ़े तीन साल में अयोध्या का एयरपोर्ट इस मुकाम पर पहुंच गया कि उम्मीद की जा रही है कि साल 2023 में एयरपोर्ट से एटीआर-72 विमान उड़ान भरने लगेंगे।
प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एयरपोर्ट एथॉरिटी ऑफ इंडिया को पहले फेज के उड़ान के लिए जमीन का एग्रीमेंट कर दिया। रन-वे की लंबाई 2200 मीटर होगी। एयरपोर्ट के निर्माण से अयोध्या को विश्व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
अयोध्या में एयरपोर्ट को लेकर कार्रवाई की शुरूआत अक्तूबर 2018 में हुई थी। नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ने डीएम फैजाबाद को इस बारे में पत्र लिखा था।
उन्होंने हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए भारतीय विमान पत्तनम प्राधिकरण ने मास्टर प्लान भेजकर आवश्यक भूमि और उस पर व्यय होने वाली धनराशि के बारे में कहा था।
पहले हवाई पट्टी को दो फेज में विकसित करने की बात कही गई थी। जिसमें सर्वे के आधार पर यहां उपलब्ध लगभग 213 एकड़ भूमि के अलावा के साथ कुल 251 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई थी।
कुल 464 एकड़ भूमि की जरूरत थी। इसमें भी पहले फेज में एटीआर-72 की उड़ान के लिए 224 एकड़ और ए-231 की उड़ान के लिए इसके अलावा 62 एकड़ भूमि की जरूरत बताई गई थी।
इसके बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने के लिए हरी झंडी दी तो इसके अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता बताई गई। इसकी खरीद भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गुरुवार को प्रदेश सरकार और एएआई के बीच 317.885 एकड़ भूमि का एग्रीमेंट हो गया। इसके साथ ही एयरपोर्ट के साकार रूप लेने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
यह भूमि पहले फेज में एटीआर-72 विमान की उड़ान के लिए पर्याप्त बताई गई है। अयोध्या के इस एयरपोर्ट ने अब तक कई उतार चढ़ाव देखा। पहली बार इसके विकास के लिए सन 2012 में ही हवाई पट्टी को एएआई को दिए जाने की कार्रवाई शुरू की गई।
तय हुआ था कि एयरपोर्ट के लिए जमीन प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए प्रदेश से 20 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिये थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद इस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल आ गए। प्रदेश सरकार ने पैसा वापस ले लिया।
केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद इस पर काम तेज हुआ। 2014 में सांसद बने लल्लू सिंह ने नए सिरे से प्रयास शुरू किया तो केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने कार्रवाई शुरू करवाई।
सर्वे कराने के बाद इसको विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार को पत्र भेजा गया। 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जमीन देने पर सहमति बनी। 2018 में इसके लिए जमीन को लेकर लिखा पढ़ी शुरू हुई।
नौ नवंबर 2019 को श्री राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने इसका स्वरूप अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट कर दिया। अब इसी रूप में इसका विकास हो रहा है।
एयरपोर्ट के निर्माण का काम शुरू हो गया है। एएआई के अफसर यहां है। एयर स्ट्रिप को बढ़ाने को लेकर निर्माण एजेंसी के कर्मचारी काम कर रहे हैं। जमीन मिलने के बाद टर्मिंनल का निर्माण भी जल्द शुरू होने की संभावना है। रनवे की कुल लंबाई 2200 मीटर होगी। इसको अगले साल अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एटीआर-72 की उड़ान के लिए एएआई को जमीन मिल गई है। अब अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण का काम बहुत ही तेज गति से प्रारंभ किया जाएगा। अप्रैल 2023 तक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है उम्मीद है कि उससे पहले ही यह काम पूरा हो जाएगा।- नितीश कुमार, डीएम अयोध्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या विश्व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र की जन्मभूमि है। गुरुवार को एयरपोर्ट के जमीन के एग्रीमेंट से एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी आएगी। यह एक सुखद पल है। अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां आने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।- लल्लू सिंह, सांसद
अयोध्या-मर्यादा पुर्षोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट में लगा प्लांट।-संवाद- फोटो : FAIZABAD