अयोध्या। रामनवमी मेले की भव्यता इस बार देश-दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। यह पहला अवसर होगा जब रामभक्त घर बैठे रामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के रामजन्मोत्सव के साक्षी बन सकेंगे।
एएनआई व दूरदर्शन द्वारा रामलला के दरबार से रामजन्मोत्सव का सीधा प्रसारण किया जाएगा। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद यह पहला रामनवमी मेला हो रहा है। कोविड के चलते दो साल मेला परंपरा निर्वहन तक ही सीमित रहा।
ऐसे में इस मेले में अयोध्या आने वाले भक्तों को त्रेतायुग जैसा माहौल मिले इसकी तैयारी है। विगत दिनों अयोध्या दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने भी इसको लेकर जिला प्रशासन को निर्देश दिया था।
उसी निर्देश के अनुपालन में पूरी अयोध्या को राममय बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। मुख्य पर्व रामजन्मोत्सव 10 अप्रैल को मनाया जाएगा। अनुमान है कि इस दिन अयोध्या में 20 से 25 लाख की भीड़ होगी।
रामनवमी मेले में इस बार कई ऐसी व्यवस्थाएं हैं जो भक्तों को पहली बार देखने को मिलेंगी। इसी क्रम में रामलला के दरबार से रामजन्मोत्सव का सीधा प्रसारण भी पहली बार किया जाएगा।
उपसूचना निदेशक मुरलीधर सिंह ने बताया कि एएनआई व दूरदर्शन द्वारा रामजन्मभूमि से लाइव प्रसारण जन्मोत्सव का होगा। इसकी तैयारियां की जा रही है।
उपनिदेशक सूचना मुरलीधर सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में पहली बार सांस्कृतिक मंच भी सजाए गए हैं। इन मंचों पर सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुतियां मेलार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।
बताया कि सूचना विभाग की ओर से गुरुवार से आठ स्थानों पर सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां शुरू कर दी गई हैं। तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल, गुप्तारघाट, दिगंबर अखाड़ा, बाल्मीकि भवन, दिगंबर जैन मंदिर, राम की पैड़ी गांधी आश्रम सहित आठ स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रारंभ हो गया है। बताया कि इसके अलावा संस्कृति विभाग की ओर से भी सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुति की जाएगी।