अयोध्या शहर में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। नगर निगम ने शहर में यातायात सुधार का एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। जाम से निजात के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत अब अयोध्या-फैजाबाद शहर की यातायात व्यवस्था हाईटेक होगी।
पहले चरण में दोनों शहरों के आठ चौराहों का चयन किया गया है। सबसे भीड़ वाले दो चौराहों को हाईटेक कैमरों से लैस किया जाएगा। इन चौराहों पर ई-चालान की व्यवस्था होगी। अफसरों के सामने प्रजेंटेशन के बाद व्यवस्था लागू होगी। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके जरिए शहर की यातायात व्यवस्था को संभाला जाएगा।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के पहले चरण में शहर के आठ चौराहों को शामिल किया गया है। इनमें फतेहगंज, देवकाली तिराहा, नाका तिराहा, गुदड़ी बाजार, सिविल लाइन चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा अयोध्या का नया घाट और टेढ़ी बाजार चौराहे शामिल हैं। इसके अलावा शहर के व्यस्त रिकाबगंज चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम पहले से लगाया जा चुका है।
इन चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए दो तरह की व्यवस्था लागू होगी। फतेहगंज, देवकाली तिराहा, नाका तिराहा, गुदड़ी बाजार, सिविल लाइन चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा और अयोध्या के टेढ़ी बाजार चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस सिस्टम को विकसित करने के लिए नगर निगम एक विशेषज्ञ कंपनी का सहयोग लेगी।
रिकाबगंज व नया घाट पर होगी ई-चालान व्यवस्था
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले रिकाबगंज और अयोध्या के नया घाट चौराहे पर ई-चालान की व्यवस्था होगी। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने यह स्वत: संज्ञान में ले लिया जाएगा।
इसके लिए अन्य चौराहों से अलग इन दोनों चौराहों पर आधुनिकतम हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। जिनमें किसी भी उल्लंघन की तस्वीर तुरंत कैद हो जाएगी और वाहन का ई-चालान किया जा सकेगा। रिकाबगंज में शहर की भीड़ का दबाव होता है तो नया घाट पर श्रद्धालुओं के साथ गोंडा, बस्ती से आने वाले वाहनों और लोगों की भीड़ होती है।
बिजली व सोलर एनर्जी से होगा संचालन
इन चौराहों पर बिजली के साथ ही सोलर एनर्जी से सिस्टम को चलाने की व्यवस्था होगी। जिससे बिजली कटौती के समय ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में बाधा न आए।