गांवों में नवदंपती का ब्यौरा एकत्र किया जा रहा है। आशा बहुओं के माध्यम से विलेज हेल्थ रजिस्टर में नए जोड़ों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा और इन्हीं युवाओं को जनसंख्या स्थिरीकरण के स्थाई और अस्थाई उपकरणों को बारे में बताया जाएगा।
शासन के निर्देश पर 11 जुलाई से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवारा मनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता गांव में खुशहाली का मंत्र देंगे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राधेश्याम ने बताया कि इस वर्ष का स्लोगन ‘खुशहाल परिवार का मंतर, दो बच्चों में तीन साल का अंतर’ है।
शासनादेश के तहत एएनएम और आशा लक्ष्य दंपती रजिस्टर व विलेज हेल्थ इंडेक्स रजिस्टर को अपडेट करेंगी। ताकि इन दंपती तक आसानी से पहुंचा जा सके।
प्रदेश मुख्यालय से भेजे गए कार्यक्रम के तहत 11 जुलाई को जिला स्तरीय रैली निकाली जाएगी। इसके अलावा जिला स्तर पर एक और ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों में एक-एक कार्यशाला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पखवारे भर के दौरान नव दंपत्तियों को परिवार नियोजन की सभी स्थायी व अस्थायी विधियों के प्रचार-प्रसार के बारे में जागरूक किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यशाला में जनसंख्या नियंत्रण के लिए विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु भी आमंत्रित किए जाएंगे और उनके माध्यम से समाज के सभी वर्गों में जनसंख्या नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राधेश्याम यादव ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि इसके लिए गांव स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। 11 जुलाई से 24 जुलाई तक विविध कार्यक्रमों के माध्यम से जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।