नगर पालिका परिषद की शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। विभिन्न टेंडर तथा विभागों में कर्मियों की आपूर्ति पर विचार करते समय सभी दलों के सभासद एकजुट हो गए और खूब हंगामा किया। एजेंडा के तीनों बिंदु अगली बोर्ड बैठक के लिए टाल दिए गए। अब बैठक कब होगी, इसकी कोई तिथि नहीं घोषित की गई है।
चेयरमैन विजय कुमार गुप्त की अध्यक्षता तथा ईओ रविशंकर शुक्ल व सभासदों की मौजूदगी में चेयरमैन के कार्यालय में बैठक शनिवार को 12 बजे से हुई। पहले प्रकाश विभाग के टेंडर पर विचार हुआ। कोटेशन की दर सामने आते ही सभासद मुस्कान सावलानी के साथ अमित गुप्त, कमलेश सोलंकी, विशाल पाल, अजय पांडेय, प्रमोद सिंह आदि सभासद रेट को लेकर भड़क गए।
इनका कहना था कि रेट लिस्ट फर्जी है, प्रस्तुत दर बजाज और सूर्या कंपनी के पैड पर नहीं है। प्रस्तुत दर भी बाजार से दोगुना अधिक है। सभासदों की आपत्ति पर इसे अगली बैठक पर टाला गया। नगर में सफाई सहित दूसरे सभी विभागों में ठेके के कर्मियों से डूडा द्वारा काम लेने समेत अन्य मामलों को लेकर भी सदन गर्म रहा।
अशोका द्विवेदी, शकुंतला गौतम, संग्राम सिन्हा, अनिल सिंह, जय सिंह छोटे, जयनारायण सिंह आदि सभासदों ने सवाल किया कि, घटिया कार्यों पर नकेल कौन लगायेगा? भुगतान के लिए संतुष्टि पत्र कौन देगा? सभासद, ईओ और अध्यक्ष के संतुष्टि पत्र देने के बाद ही भुगतान होने के जवाब को सभी ने खारिज कर दिया तो इसे भी अगली बैठक पर छोड़ दिया गया।
टेंडर के माध्यम से सभी टैक्सी स्टैंडों, पुरानी सब्जी मंडी चौक, लालबाग सब्जी मंडी स्टैंड, मछली मंडी स्टैंड पर ठेका देने का मामला भी गर्म रहा। सभासदों का कहना था कि सभी ठेके दस फीसदी बढ़ाकर टेंडर से क्यों कराए जा रहे हैं? इससे पालिका को क्षति होगी। ठेकों की नीलामी टेंडर से नहीं, बोली से हो।
इस आपत्ति के बाद ठेकों को अगली बैठक के लिए टाल दिया गया। सहादतगंज की सभासद परीक्षा गुप्ता ने मंदिर के पास बने यात्री शेड का भुगतान उनकी संतुष्टि बिना ठेकेदार को करने तथा ठेकेदार द्वारा ईंटें उखड़वा ले जाने का मामला उठाया।