अयोध्या। अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अनी अखाड़ा हनुमानगढ़ी का द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इस बार सागरिया पट्टी के 100 व उज्जैनिया पट्टी के 365 साधुओं को नागा की उपाधि दी जाएगी।
दोनों पट्टी की ओर से शुक्रवार को अलग-अलग शोभायात्रा निकाली गई। हनुमानगढ़ी के निशान के साथ निकली शोभायात्रा सरयू तट पहुंची। जहां नए नागाओं को धर्म-संस्कृति की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।
सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास द्वारा सुबह आठ बजे शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इससे पूर्व महंत ज्ञानदास ने नागा-साधुओं को रामानंद संप्रदाय के इतिहास से अवगत कराते हुए उन्हें उनकी जिम्मेदारी का भान कराया।
हनुमानगढ़ी से महंत संजय दास के निर्देशन में गुरु वंदना के बाद निकली शोभायात्रा सरयू तट पहुंची। यहां नए नागाओं को सरयू जल से धर्म-संस्कृति, मानवता की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।
महंत संजय दास ने बताया कि 28 को सुबह महंत ज्ञानदास द्वारा 100 साधुओं को नागा की उपाधि के लिए दीक्षा प्रदान की जाएगी। इसके बाद रकम के भंडारे के साथ नागापना महोत्सव का समापन होगा।
बताया कि इस बार कोरोना को देखते हुए महोत्सव की सीमित कार्यक्रमों के बीच ही मनाया जा रहा है। सागरिया पट्टी के जुलूस में महंत माधव दास, महंत बलरामदास, महंत सत्यदेव दास, महंत डॉ. रामानंद दास, महंत डॉ. महेश दास, संत हेमंत दास, अभिषेक दास सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य शामिल रहे।
उज्जैनिया पट्टी की ओर से भी नागा पना महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर हनुमत संस्कृति विद्यालय से भव्य शोभायात्रा हनुमानगढ़ी के निशान व गाजे-बाजे के साथ निकाली गई।
उज्जैनिया पट्टी के महंत संतराम की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में नागा साधुओं ने अपनी युद्ध कला का भी प्रदर्शन किया। शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए सरयू तट पहुंची जहां नए नागा साधुओं को रामानंद संप्रदाय के उत्थान, धर्म व संस्कृति की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।
यहां से शोभायात्रा जानकीमहल, मणिरामदास की छावनी, जानकीघाट, तपस्वी छावनी होते हुए चरणपादुका पहुंची। जहां नागा साधुओं का स्वागत सत्कार किया गया।
महंत संतराम दास ने बताया कि 28 मार्च को हनुमत संस्कृत विद्यालय में नागा साधुओं का दीक्षांत समारोह होगा। इसमें उज्जैनिया पट्टी के 365 साधुओं को नागा की उपाधि दिलाई जाएगी।
शोभायात्रा में महंत रामकुमार दास, नागा हरिदास, महंत अवधेश दास, महंत नंदराम दास, पार्षद रमेश दास, पुजारी राजूदास सहित अन्य शामिल रहे।