अयोध्या। शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक अरविंद खरे के बड़े भाई अतुल खरे की भूमि विवाद में हत्या कर दी गई। इसके बाद सुबूत मिटाने के लिए शव को चादर में लपेटकर कैंट थाना क्षेत्र के मिर्जा अली बाजार की सुनसान गली में फेंक दिया और आग लगा दी। वह सोमवार दोपहर से लापता थे। मंगलवार को गली में कूड़ेदान के पास अधजला शव मिलने से हड़कंप मच गया।
डॉ. अरविंद ने मोहल्ले के एक व्यक्ति को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में कार खड़ी करने को लेकर भूमि विवाद का मामला सामने आ रहा है। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शानू अभी फरार है।
अतुल खरे (60) शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर अरविंद खरे के बड़े भाई थे। वह कोतवाली नगर के दिल्ली दरवाजा स्थित आवास पर अकेले रहते थे। जबकि उनका परिवार लखनऊ के पारा स्थित हंस नगर कॉलोनी में रहता है। उनके परिवार में पत्नी व 5 पुत्रियां व एक पुत्र है।
अतुल सोमवार दोपहर अचानक लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद पता न चलने पर उनके छोटे भाई डॉ. अरविंद ने थाना कैंट में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी बीच मंगलवार को सुबह थाना कैंट के हसनू कटरा चौकी क्षेत्र स्थित मिर्जा अली बाजार कि एक सुनसान गली में उनका अधजला शव मिलते ही हड़कंप मच गया।
सूचना पर एसएसपी आशीष तिवारी, एसपी सिटी विजय पाल सिंह, सीओ सिटी अरविंद चौरसिया, थाना कैंट प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा समेत फिंगरप्रिंट, फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मामले में डॉ. अरविंद खरे की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले के ही आदित्य उर्फ शानू ने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया।
डॉ. अरविंद ने बताया कि शानू ने हमारी जमीन के बेचे गए एक हिस्से पर ही घर बनाया था। लेकिन वह अपनी कार जबरन ही घर के सामने पड़ी हमारी जमीन पर खड़ी करता था। मना करने पर धमकी दे रहा था कि बची जमीन उसके नाम लिख दें, वरना अंजाम बुरा होगा। सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने बताया कि मामला हत्या करके शव फेंकने का है। सुबूत मिटाने के लिए शव को जलाने का भी प्रयास किया गया है।
बताया कि घटनास्थल के आसपास व आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज तलाशे जा रहे हैं। डॉ. अरविंद की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ हो रही है। जल्द ही मामले क खुलासा किया जाएगा। वहीं एसएसपी आशीष तिवारी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और टीम बनाकर जल्द ही खुलासे का आदेश दिया।
पहले मुर्गा-दारू की दावत, फिर साथियों के साथ मिलकर की हत्या
डॉक्टर के भाई की हुई हत्या स्थिति लगभग साफ हो गई। जांच में सामने आया है कि आरोपी आदित्य उर्फ शानू की कई आपराधिक व मनबढ़ तत्वों से दोस्ती है। पांच दिन पहले ही उसने डॉक्टर अरविंद खरे को फोन कर धमकाया था कि उसे कार पार्किंग के लिए जमीन बगैर किसी लालच के चुपचाप लिख दें, वरना अंजाम भयानक होगा। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि धमकी को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। पहले भी वह कार पार्किंग के लिए कभी सिफारिश तो कभी धमकी का अंदाज दिखाता रहा है। डॉक्टर के घर से करीब दो सौ मीटर दूर पुलिस ने शानू के घर की जांच की तो पता चला कि रात में मुर्गा-दारू के साथ देर तक दावत चली। जांच में पता चला है कि यही लोग दोपहर तीन बजे अतुल को उठा लाए। खाने-पीने के बाद मौके पर ही उनकी हत्या कर दी गई। फिर भोर चार बजे सुबूत मिटाने के लिए शव को चादर में लपेटकर कूड़ा दान के पास लाकर आग के हवाले कर दिया। मगर, शव का अधिकांश हिस्सा जल नहीं पाया।