अयोध्या। लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया भी अब गति पकड़ने लगी है। रामलला के गर्भगृह स्थल के चारों तरफ विगत 11 मई से चल रहा समतलीकरण कार्य लगभग पूरा होने को है।
लॉकडाउन के दौरान निर्माण कार्यों में ढील मिलने के बाद ट्रस्ट धीरे-धीरे मंदिर की आधारशिला रखने की ओर कदम बढ़ा रहा है। उधर, श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास ने कहा कि दिव्य-भव्य राममंदिर 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा। शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की जाएगी और उनसे राममंदिर की आधारिशला रखने के लिए आग्रह किया जाएगा।
विगत दिनों श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने रामलला का दर्शन करने के बाद राममंदिर निर्माण के शुरू होने का ऐलान कर दिया था। अब उनके उत्तराधिकारी व श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास ने कहा है कि 2022 तक राममंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
रामलला को उनके दिव्य भवन में स्थापित करने के लिए हम इससे और अधिक समय नहीं लेना चाहते। वर्तमान समय की प्रतिकूलता को देखते हुए शासन जैसे भी अनुमति दे रहा है वैसे मंदिर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण के पहले चरण में फाउंडेशन ही तैयार किया जाना है। जिसके लिए गड्ढा खोदने का काम शुरू कर दिया गया है। उधर, एलएंडटी कंपनी के इंजीनियर रामजन्मभूमि परिसर में कैंप किए हुए हैं।
राममंदिर निर्माण का डायग्राम तैयार कर विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को सौंपी जानी है। उन्होंने कहा कि अब राममंदिर निर्माण में और अधिक विलंब नहीं चाहते हैं। वर्ष 2022 में रामनवमी के दिन रामलला की आरती उनके दिव्य और भव्य मंदिर में हो ऐसी हमारी योजना है। राममंदिर निर्माण के लिए किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रतीक्षा करने की कोई आवश्यकता भी नहीं है। शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की जाएगी और मंदिर की आधारशिला रखने के लिए उनसे आग्रह किया जाएगा।
प्रस्तावित मॉडल पर बनेगा मंदिर
राममंदिर के प्रस्तावित मॉडल को लेकर छिड़ी संतों में रार के बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने मंगलवार को कहा कि राममंदिर का जो मानचित्र सारे संसार को दर्शाया गया है उसी के अनुसार मंदिर बनेगा। उन्हीं पत्थरों और उन्हीं शिलाओं से राममंदिर का निर्माण होगा। पहले हम मंदिर बनाएंगे उसके बाद उसे इस तरह सजाया संवारा जाएगा कि वह विश्व का अलौकिक राममंदिर होगा।