अयोध्या। सपा नेता अखिलेश यादव उर्फ टक्कू की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात के मुख्य आरोपी अभिषेक व आदित्य को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल व तमंचा भी बरामद हो गया है। पुलिस वारदात में शामिल अन्य चार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस की मानें तो पूछताछ में पता चला है कि घर में घुसकर मां की पिटाई करने व लगातार हूटिंग से परेशान होकर अभिषेक ने आदित्य व चार अन्य साथियों के साथ मिलकर सपा नेता अखिलेश यादव उर्फ टक्कू की हत्या की साजिश रची थी।
एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि बीती सोमवार की शाम महराजगंज थाना क्षेत्र के गांव छतरा निवासी सपा नेता अखिलेश यादव उर्फ टक्कू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्या में आदित्य सिंह निवासी सेमरिया व अभिषेक सिंह निवासी रतनपुर थाना महराजगंज समेत दो अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं थीं।
शुक्रवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नामजद दोनों आरोपी बुलेट से अपने घर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी की और शनिवार भोर दोनों आरोपियों को दतौली नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल व तमंचा बरामद हो गया है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कुबूला है कि वह सपा नेता की दबंगई से परेशान थे। वह पहले उनके बस संचालन में बाधा बना।
जिम खोला तो उसने भी अपने साथी के साथ जिम खोलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी अभिषेक के अनुसार बीते 10 नवंबर को अखिलेश ने अपने 13 साथियों के साथ उसके घर में घुसकर उससे मारपीट की थी।
इस दौरान बीच-बचाव करने आई उसकी मां को भी लात-घूंसों से पीटा था। इसको लेकर थाना महराजगंज में केस भी दर्ज हुआ था। घटना को लेकर दोनों गुटों में तनाव बढ़ता जा रहा था।
एक जनप्रतिनिधि ने दोनों के बीच समझौता भी कराया था। मौके पर दोनों पक्षों में समझौता तो हो गया था लेकिन इसके बाद भी अखिलेश लगातार हूटिंग कर परेशान कर रहा था।
आरोप है कि अखिलेश ने अभिषेक के घर के बगल खाली प्लाट पर अपने साथी की बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान खुलवा दी थी। वह अपने साथियों के साथ यहां बैठकर लगातार कमेंट किया करता था।
एसपी ने बताया कि लगातार हूटिंग व मां की पिटाई से आहत अभिषेक ने बदला लेने की ठान ली थी। अपने साथी आदित्य समेत योगेंद्र सिंह निवासी कनकपुर, पुलकित सिंह निवासी रतनपुर, करन उर्फ दिग्विजय सिंह निवासी दलपतपुर थाना महराजगंज व भीम सिंह निवासी अमहटा थाना रुदौली के साथ मिलकर अखिलेश की हत्या की साजिश रची।
15 जुलाई को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तार के प्रयास किए जा रहे हैं।