अयोध्या। माघ मास की अमावस्या मौनी अमावस्या का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। इस बार मौनी अमावस्या पर दुर्लभ महा उदय योग बन रह है। साथ ही श्रवण नक्षत्र का भी दुर्लभ संयोग है। मौनी अमावस्या पर्व पर सरयू स्नान के लिए रामनगरी में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि अमावस्या तिथि का मान 10 फरवरी की रात में 12:19 बजे से प्रारंभ होकर 11 फरवरी को रात 11:48 बजे तक रहेगा। मौनी अमावस्या पर इस बार छह ग्रहों की युति से दुर्लभ महा उदय योग बन रहा है।
इस दिन गुरुवार होने की वजह से गजकेशरी योग भी मिलेगा। कहा कि, इस बार श्रवण नक्षत्र में मकर राशि के अंतर्गत छह ग्रह एक साथ षष्ठग्रही योग बनाएंगे। शुक्र, बृहस्पति, बुध, शनि, चंद्रमा और सूर्य श्रवण नक्षत्र में एक साथ होगे।
हालांकि इस नक्षत्र में चंद्रमा की युति बृहस्पतिवार को दिन के 11:35 बजे तक ही रहेगी। आचार्य शिवेंद्र के अनुसार मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने का विशेष महत्व माना गया है।