अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा में विद्युत कनेक्शन लेते समय विद्युत व्यय भार का निर्धारण करने में बरती गई उदासीनता का खामियाजा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है।
इसके कारण मेडिकल कॉलेज को प्रतिवर्ष करीब एक करोड़ 23 लाख रुपये का चूना लग रहा है। प्राचार्य ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अब विद्युत लोड कम कराने की कवायद प्रारंभ की है।
दर्शननगर में 300 बेड के संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय का निर्माण का शुभारंभ सपा सरकार में किया गया था। बाद में एमबीबीएस की पढ़ाई कराने के लिए राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई और 2019 में संयुक्त मंडलीय अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बनाया गया।
कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम ने 2019 में भवन मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित करने से पहले इसका विद्युत कनेक्शन मेडिकल कॉलेज के नाम से कराया था।
तत्समय निर्माण निगम के इलेक्ट्रिकल विभाग ने 31 सौ केवीए का विद्युत लोड बताते हुए कनेक्शन कराया था। तभी से मेडिकल कॉलेज गंजा व दर्शननगर अस्पताल में अलग-अलग क्षमता के अनुरूप विद्युत का बिल दिया जा रहा है।
दर्शननगर स्थित अस्पताल में तो अधिक खपत होने के कारण प्रतिमाह करीब 17 लाख के विद्युत बिल भुगतान किया जा रहा है। लेकिन गंजा स्थित मेडिकल कॉलेज में भी प्रतिमाह करीब 13 लाख रुपये का बिल पॉवर कॉर्पोरेशन द्वारा दिया जा रहा है।
जिसका भुगतान किया जाता रहा है। 2019 से यह सिलसिला अनवरत चलता आ रहा है, लेकिन न तो निर्माण निगम के किसी अधिकारी की निगाह इधर तक पहुंची और न ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की।
इधर, मार्च माह में ही प्राचार्य रहे प्रोफेसर विजय कुमार का तबादला कर दिया गया और यहीं पर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यजीत वर्मा को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया।
प्रतिमाह किए जा रहे तमाम भुगतानों की समीक्षा के दौरान प्राचार्य ने विद्युत बिल के इस मोटे भुगतान को देखा तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज गंजा परिसर में विद्युत लोड का आंगणन कराया।
जांच में पता चला कि मेडिकल कॉलेज परिसर गंजा में 31 सौ केवीए के कनेक्शन की जरूरत ही नहीं है। बल्कि इसके स्थान पर 250 किलोवाट का कनेक्शन होने पर भी आसानी से कार्य चल जाएगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय को पत्र लिखकर शीघ्र ही विद्युत कनेक्शन 31 सौ केवीए से घटाकर 250 केवीए कराने के लिए कहा है।
पॉवर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार प्रति किलोवाट कनेक्शन पर उपभोक्ता को करीब 360 रुपये का फिक्स चार्ज देना होता है। इस तरह 31 सौ किलोवाट के कनेक्शन पर करीब 11 लाख 16 हजार रुपये फिक्स चार्ज प्रतिमाह जमा करना पड़ रहा है।
यही लोड घटाकर जब 250 किलोवाट कर दिया जाएगा तो मेडिकल कॉलेज को प्रतिमाह करीब 90 हजार रुपये ही देने पड़ेंगे। इस तरह प्रतिमाह मेडिकल कॉलेज की करीब 10 लाख 26 हजार रुपये की बचत होगी। जो प्रतिवर्ष करीब एक करोड़ 23 लाख 12 हजार रुपये की बचत होगी।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा में 31 सौ केवीए का विद्युत कनेक्शन लिया गया था। अब उसे घटाकर 250 केवीए करने के लिए पत्र मिला है। प्रक्रिया पूरी करने के लिए मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखा गया है। प्रक्रिया पूरी होते ही लोड कम कर दिया जाएगा।-रोहित सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, अयोध्या