अयोध्या। कोरोना महामारी के बीच बैंड-बाजा बरात के लिए आपको सर्दियों तक का इंतजार करना पड़ सकता है। लॉकडाउन लंबा खिंचने व मई व जून में कम लग्न होने से विवाह से पूर्व होने वाली तैयारियां प्रभावित होंगी। ऐसे में लोगों को शुभ मुहूर्त के लिए नवंबर व दिसंबर तक इंतजार करना पड़ेगा।
कोरोना के कारण लॉकडाउन पूरे देश में हैं। ऐसा माना जा रहा है कि लॉकडाउन बढ़ सकता है। कोरोना और लॉकडाउन के चलते वैवाहिक लग्नों का संतुलन बिगड़ गया है। बड़ी संख्या में लोग मई और जून में प्रस्तावित वैवाहिक समारोहों की तिथियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
मई-जून में शादियां नहीं हो सकीं तो जुलाई से चातुर्मास लग जाएगा। यह नवंबर तक चलेगा। ऐसे में चातुर्मास के बाद नवंबर और दिसंबर में गिनती की ही लग्न मिलेंगी। पंडित कौशल्यानंदन वर्धन बताते हैं कि शुक्र अस्त होने के बाद 1 जुलाई से देवता 25 नवंबर तक के लिए शयन में चल जाएंगे।
मई-जून की गिनी-चुनी लग्न में शादी नहीं हो पाई तो नवंबर और दिसंबर का इंतजार करना पड़ सकता है। 13 अप्रैल को सूर्य मेष में प्रवेश करेंगे। अप्रैल में 5 व 6 लग्न ही हैं। 31 मई से 9 जून तक शुक्र अस्त रहेंगे जिसके चलते इस दौरान वैवाहिक आयोजन नहीं होंगे।
एक जुलाई से देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, ये 25 नवंबर तक रहेगा। इस मध्य भी वैवाहिक आयोजन नहीं हो पाएंगे। 25 नवंबर से 13 दिसंबर तक गिनी चुनी लग्न है। इसके बाद 15 दिसंबर से खरमास लग जाएगा। जिसके कारण भी वैवाहिक आयोजन नहीं हो सकेंगे।
विवाह मुहूर्त
मई-1 से 4 मई, 6 से 13 मई, 17 से 19 मई, 23 व 24 मई
-जून- 13 से 15 जून, 25 से 30 जून
-नवंबर-26, 29, 30 नवंबर
-दिसंबर- 1, 2, 6 से 11, 13 दिसंबर