अयोध्या। एक पिता अपनी पुत्री के लिए दुनिया का सबसे मजबूत और भरोसेमंद सहारा होता है। हमारा समाज इस बात की कल्पना से भी सिहर उठता है कि एक पिता ही अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म करे।
कोर्ट ने इसी टिप्पणी के साथ मनोरोगी पुत्री के दुष्कर्मी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर एक लाख रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी की अदालत से हुआ।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार उपाध्याय व लालमणि तिवारी ने बताया कि घटना तारुन थाना क्षेत्र की है। इसी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली मनोरोगी पुत्री के साथ उसके पिता ने दुष्कर्म किया।
पांच माह की गर्भवती होने पर इसका खुलासा हुआ। पीड़िता के भाई ने अपने पिता के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 7 दिसंबर 2018 को एफआईआर लिखाई। पिता के खिलाफ पीड़िता के भाई ने भी कोर्ट में गवाही दी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी। मामले में घटना के समय से ही दोषी जेल में है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे फिर जेल भेज दिया गया।