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370 से मिली मुक्ति, अब प्रशस्त हो राममंदिर निर्माण का मार्ग

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अयोध्या। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जम्मू और कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव पेश कर दिया। मोदी के इस साहसिक कदम की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है तो रामनगरी में भी मोदी के इस निर्णय को लेकर हर्ष का माहौल दिखा। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने कहा कि मोदी सरकार ने धारा 370 खत्म करने का अपना वादा निभा दिया है, अब राममंदिर निर्माण का भी वादा सरकार पूरा करे।
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संतों ने कहा कि 370 से तो मुक्ति मिल गई है अब रामलला को भी टेंट से रिहाई मिलनी चाहिए। साथ ही साथ संत-धर्माचार्यों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताते हुए कहा कि अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही राममंदिर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वही अयोध्या मामले के मुस्लिम पक्षकारों ने भी इस निर्णय को मोदी सरकार की एक बड़ी जीत करार दिया है। जबकि विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि जम्मू कश्मीर अब 70 वर्षों बाद खुली हवा में सांस लेगा और यह निर्णय अलगाववादियों के मुंह पर बड़ा तमाचा है।
नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने मोदी सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब कश्मीरी ब्राह्मणों को न्याय मिलेगा। देश में एक कानून पारित होगा। साथ ही साथ अब सबको यह पूरी उम्मीद हो गई है कि वह दिन दूर नहीं जब अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा, मोदी ने एक वादा तो पूरा कर दिया अब राममंदिर का वादा भी पूरा करेगी हमें इसकी पूरी उम्मीद है।
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श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि एक देश में दो कानून ठीक नहीं था। अब कश्मीर में बदलाव आएगा। यह निर्णय ऐतिहासिक है, मोदी की पूरी कैबिनेट बधाई की पात्र है। हमारी मांग है कि कश्मीर से विस्थापित हुई हजारों कश्मीरी ब्राह्मणों को सरकार पुर्नस्थापित करें। अब करोड़ों हिंदुओं को मोदी जी के अगले कदम राममंदिर निर्माण का ही इंतजार है, जिसका समय भी अब नजदीक आ रहा है।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने मोदी सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि धारा 370 हटने से कश्मीर की तरक्की का रास्ता खुलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो कट्टरपंथी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं सरकार को उनसे सख्ती से निपटना चाहिए। हिंदू हों या मुसलमान सभी के लिए एक कानून एक संविधान होना चाहिए, एक देश एक नीति होनी चाहिए, मोदी सरकार का यह फैसला पूरी तरह से देशहित में है।
विहिप के प्रांतीय मीडिया शरद शर्मा ने कहा कि 72 वर्षों बाद अब कश्मीर खुले में सांस लेगा। पूर्व सरकार वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा नहंी कर पाई। कश्मीर भारत का अंग ही नहीं प्राण है। केंद्र सरकार की इस घोषणा का विरोध करने वाले कांग्रेसी और अन्य संसद सदस्य कश्मीर के हितचिंतक नहीं बल्कि पाकिस्तानी षड़यंत्र के शिकार हैं। इस निर्णय ने जम्मू कश्मीर की रक्षा करने वाले शहीदों व निष्कासित कश्मीरी पंडितों के सम्मान को बढ़ाया है।
धारा 370 की समाप्ति की मांग को लेकर अयोध्या से कश्मीर के लाल चैक तक यात्रा निकालने वाले बबलू खान ने कहा कि मोदी सरकार ने सबका साथ सबका विकास के नारे को एक बार फिर बुलंद कर दिया है। यह स्पष्ट हो गया है कि देश हित की बात आएगी तो सरकार कठिन से भी कठिन निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेगी। अबकी बार राममंदिर की ही बारी है। मुस्लिम भाईयों से अपील किया कि बड़ा दिल करें और राममंदिर के लिए आगे आएं।
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