राम मंदिर मसले पर तीन रास्तों से न्याय आगे बढ़ रहा है, सुप्रीम कोर्ट के जरिये, संसद में कानून बनाकर या फिर आपसी सहमति के जरिये। सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है, हाईकोर्ट ने पहले ही तय कर दिया है कि भूमि रामलला की है।
अब मंदिर निर्माण की पहल बाकी है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश ने गुरुवार सुबह सरयू स्नान कर रामनगरी में हनुमानगढ़ी समेत विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से कही।
संघ नेता इंद्रेश ने बुधवार को मंदिर निर्माण के लिए मुहिम चला रहे मो. अनीस उर्फ बबलू खान के संयोजन में आयोजित रोजा अफ्तार में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की थी। संघ नेता इंद्रेश ने कहा कि देश का मुसलमान भी चाहता है कि बाबरी नाम की मस्जिद न बने, यह इस्लाम की तौहीन होगी।
क्योंकि इबादत, पूजा स्थान नबी, पैगंबर, व खुदा के होते हैं, इंसानों के नहीं। इसलिए हिन्दुस्तान में इंसानों के नाम पर मस्जिद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज सर्वसमाज के लोग जाति, दल, धर्म से ऊपर उठकर राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे पूरे विश्व में शांति-सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश जाए।
सीमा पर आतंकी दखल के सवाल पर इंद्रेश ने कहा कि पाकिस्तान टूटने के कगार पर खड़ा है, पाक अपना वजूद कायम रखना चाहता है तो भारत द्वेष छोड़ दे। कश्मीर की समस्या पर उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करना होगा।