आजादी के 68 वर्ष बीतने के बाद भी लोनियनपुरवा गांव में आज तक विकास की किरण नहीं फूटी। यहां के लोगों को आवास, पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ तो दूर राशनकार्ड भी नसीब नहीं हुआ।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खोखले दावों से आजिज आकर लोनियन पुरवा के लोगों ने शनिवार को एकत्र होकर कहा कि इस बार प्रधानी के चुनाव में वे मतदान का बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिले का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनके गांव आकर यहां की दुर्दशा को देखकर निराकरण नहीं करेगा तब तक गांव के लोग वोट डालने नहीं जाएंगे।
मवई ब्लॉक के ग्राम लोनियन पुरवा मजरे सुल्तानपुर गांव का रास्ता ऐसा है कि गांव में आने वाली नई नवेली दुल्हन को गांव के बाहर से ही घर की देहरी तक पैदल ही जाना पड़ता है।
स्व. प्रताप शिक्षण समाज सेवा संस्थान के प्रबंधक बृजेश कुमार, रिंकू सिंह की अगुवाई में लोनियन पुरवा गांव के लोगों ने शनिवार को एक बैठक कर निर्णय लिया कि गांव में विकास नहीं तो वोट नहीं।
गांव के सुरेश वर्मा, प्रेमचंद्र, पुत्तीलाल, केशवराम, भीम सिंह, रामनिहोर, राम सिंह, अरविंद ने कहा कि गांव में 34 परिवारों के करीब 150 वोट हैं। हम सभी विगत 33 वर्षों से वोट देते चले आ रहे हैं।
लेकिन किसी प्रधान व विधायक ने हमारे गांव में एक भी काम नहीं किया और पेंशन, आवास, मार्ग, नाली और न तो राशनकार्ड ही बना। ऐसे में हम सभी वोट तभी देंगे।
जब कोई जिम्मेदार अधिकारी गांव आकर यहां की दुर्दशा को देखकर उसका निराकरण नहीं करेगा तब तक मतदाता प्रधानी के चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।