उपेक्षा व देखरेख के अभाव में अपनी आभा खो रहे पौराणिक कुंड में पल रहे कछुओं पर भी संकट बढ़ गया है। कुंड में पली मछलियों व कछुओं का शिकार किया जा रहा है।
विद्या कुंड में शिकार से आहत क्षेत्रीय नागरिकों ने एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। धर्मनगरी में पौराणिक व ऐतिहासिक कुंडों की लंबी शृंखला है।
धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के इन कुंडों का शासन व प्रशासन स्तर पर सौंदर्यीकरण कराया गया लेकिन लाखों रुपये खर्च के बावजूद ये कुंड देखरेख के अभाव में अपना आकर्षण खो रहे हैं।
स्थिति ये है कि दो दशक के दौरान इन कुंडों में लगाई गई रेलिंग व लाइटें आदि सामान चोरी हो गया या फिर तोड़ डाला गया। नगरी के दक्षिण में स्थित विद्या कुंड पौराणिक माना जाता है।
विद्या की देवी मां सरस्वती के मंदिर से सटा ये कुंड श्रद्धालुओं में आस्था का केंद्र है। लोगों की मानें तो कुंड में दुर्लभ प्रजाति के कई कछुए व मछलियां है लेकिन कुछ माह से कुंड की मछलियों व कछुओं का शिकार होने लगा है।
क्षेत्र के कौशल्यानंद वर्धन, नरसिंह दास, समर बहादुर सिंह, चंद्रमोहन वर्मा, रामानुज मिश्र, सत्यनारायण ने एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि कुंड में कछुओं व मछलियों का शिकार तस्करी के लिए किया जा रहा है।
12 नवंबर को लोगों ने दो युवकों को कुंड से कछुओं को बोरे में भरते देख उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो दोनों युवक बोरा छोड़ भाग गए। लोगों ने इनकी पहचान कर सूचना चौकी प्रभारी रायगंज को भी दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मनुमनि कुंड व अग्नि कुंड का भी बुरा हाल है। कुंड की रेलिंग, लाइटिंग के लगे सामान आदि तोड़कर चुरा लिए गए हैं। लोगों ने एसएसपी से कुंडों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।