युवक की हत्या करके उसकी लाश कब्रिस्तान में फेंक देने के मामले में मां-बेटी समेत तीन लोगों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर 25 हजार रुपए जुर्माना भी हुआ। फैसला अपर जिला जज कृष्णपाल सिंह की अदालत में मंगलवार को हुआ। मामला पटरंगा थाने के गांव खंड पिपरा का है।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता सईदखान ने बताया कि वारदात नौ सितंबर 2011 की है। इसी गांव के रहने वाले निहाल अहमद का शव दस सितंबर को गांव के समीप कब्रिस्तान से बरामद हुआ था। लाश पर दो जगह चोट के निशान थे, उसकी दाहिनी आंख निकाल ली गई थी। इसकी रिपोर्ट रेहान अहमद ने गांव के ही फिरोज आलम उर्फ चुन्ने, नजमा व उसकी लड़की कल्लो उर्फ काजोल के खिलाफ हत्या करके साक्ष्य छिपाने की धारा में लिखाई थी।
रंजिश यह थी कि नजमा का पति मूसा विदेश में नौकरी करता था। घर पर नजमा और उसकी लड़की कल्लो रहती थी। मृतक से कल्लो का अवैध संबंध था। घटना वाली रात निहाल अहमद कल्लो के घर पहुंचा तो तीनों ने मिल कर उसकी हत्या कर दी और शव के समीप के कब्रिस्तान में फेंक दिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने कल्लो के घर से रक्तरंजित चारपाई बरामद की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए तीनों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।