खंडासा। थाना क्षेत्र के कटघरा गांव में बुधवार को चकबंदी प्रक्रिया से आहत एक किसान ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। वह चकबंदी प्रक्रिया में अपने मूल चक को हटाने का विरोध कर रहा था। अचानक हुई इस घटना से चकबंदी टीम के लोग सकते में आ गए।
गांव के लोगों ने उसको किसी तरह नीचे उतारा लेकिन टीम के लोग इसके बाद भाग खड़े हए। मिल्कीपुर के कटघरा में चकबंदी प्रक्रिया के तहत कब्जा परिवर्तन कराया जा रहा है। इसका विरोध पहले हो चुका है, लेकिन एसओसी के समझाने पर काम फिर शुरू हुआ।
बुधवार को सीओ चकबंदी राजेश तिवारी, कानूनगो कमालूद्दीन, लेखपाल शेषराम, सहरे आलम कटघरा गांव पहुंचे। कब्जा परिवर्तन के लिए नाप शुरू हुई तो गांव के किसान श्यामलाल यादव व उसके पुत्र केशव राम ने अपने मूल चक गाटा संख्या 90 रकबा करीब चार बीघा को उड़ान चक गाटा संख्या 91 पर कर दिए जाने का विरोध किया।
उसने हाथ जोड़कर विनती की, लेकिन टीम ने अनदेखी कर दी और जबरन कब्जा परिवर्तन की पैमाइश करने लगे। इससे आहत केशवराम गांव के बाहर राधेश्याम के खेत में लगे नलकूप के ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। गांव की कुछ महिलाओं ने उसे पोल पर चढ़ते देखा तो शोर मचा दिया।
सूचना पर टीम के लोगों के हाथ-पांव फूल गए। यह लोग गांव के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। मूल चक ठीक करने की बात कहकर उसे पोल से नीचे उतारा गया। इसके बाद सहमे टीम के सदस्य भाग खड़े हुए।
इसी तरह की शिकायत रामदुलारे, अमरनाथ, कैलाश नाथ यादव, यदुनाथ यादव, साहबदेई, शिवकली, राम अभिलाख और रामवती ने भी की है। सीओ राजेश तिवारी ने प्रक्रिया में खामियों की बात स्वीकार की।