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24 घंटे भूखे-प्यासे बंकर में छिपे रहे, हर क्षण हो रहा था धमाका

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अयोध्या। युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से रविवार को अयोध्या का एक और छात्र घर पहुंच गया। एक सप्ताह की जद्दोजहद के बाद घर पहुंचे मया के हैदरपुर निवासी सुभाष वर्मा ने बताया कि जिस शहर में वे फंसे थे वहां हर क्षण धमाके हो रहे थे।
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खतरे का सायरन बजने पर वह अन्य कई छात्रों के साथ बंकर में जाकर छिप गए। कहा कि 24 घंटे वे बंकर में भूखे-प्यासे छिपे रहे। लगातार धमाकों की गूंज कानों तक पहुंचती तो हम सिहर उठते थे।
एक बारगी लगा कि यहां से जिंदा अपने घर पहुंचना मुश्किल है, लेकिन भारतीय दूतावास के सहयोग से हम सकुशल घर पहुंच सके हैं, भारत सरकार का आभार है।
सुभाष शनिवार रात दो बजे अयोध्या पहुंचा हैं। परिजन उसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। घर पहुंचते ही परिजन अपने लाल को सीने से लगाकर भावुक हो गए। इसके बाद मंगलकामना के साथ उसकी आरती भी उतारी, ग्रामीणों ने भी स्नेह दिया।
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सुभाष ने ‘अमर उजाला’ से बात करते हुए युद्ध ग्रस्त यूक्रेन के हालात बताए जो खौफनाक थे। सुभाष ने बताया कि धमाके रुके तो हम लोग किसी तरह बस के सहारे 450 किमी. का सफर कर 28 फरवरी को रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। यहां पर भारी भीड़ थी।
बर्फबारी के चलते भीषण ठंड ने मुश्किल बढ़ा दी। कुछ दोस्तों की तबीयत भी खराब हो गई थी। यहां करीब चार दिन हम बॉर्डर पार करने की प्रतीक्षा में रुके रहे। दो दिन तो हमें भोजन ही नहीं मिल पाया।
चिप्स, बिस्किट आदि खाकर हमने दो दिन किसी तरह बिताए। भीषण ठंड में घंटों लाइन में लगने के बाद हमारा नंबर आया तब जाकर बॉर्डर पार कर पाए। रोमानिया बॉर्डर पार करने के बाद हमारी मुश्किलें कम हुईं।
बताया कि दूतावास की मदद से वे भारत पहुंच सके हैं। लखनऊ में सरकार की ओर हमारे लिए खाने-पीने आदि की व्यवस्था की गई थी। लखनऊ से गाड़ी से हमें घर पहुंचाया गया। उनके परिवारीजनों ने भारत सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया।
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