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जिला अस्पताल में भर्ती किशोरी को नहीं मिला इलाज, मौत से नाराज परिवारीजनों का हंगामा

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किशोरी की मौत के बाद बिलखते परिवारीजन। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। उल्टी व पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती एक किशोरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिवारीजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों व नर्सों पर किशोरी का इलाज न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी ने लोगों को शांत कराया। वहीं परिवारीजनों ने किशोरी का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिस पर शव उनके हवाले कर दिया गया। मामले में सीएमएस ने तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम को घटना की जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।
लालबाग मोहल्ले के सुनील कुमार ने अपनी पुत्री अनुष्का (16) को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत पर गुरुवार रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि भर्ती करने के बाद लाखों मिन्नतें करने के बाद भी डॉक्टरों और नर्सों ने इलाज नहीं किया।
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वह रात भर दर्द से तड़पती रही और शुक्रवार सुबह करीब 8:50 पर उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना पर परिवारीजनों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देख मौके से अस्पताल स्टाफ वहां से खिसक गया।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश सिंह, सीओ सिटी निपुण अग्रवाल व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित परिवारीजनों को जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया जिसके बाद लोग शांत हुए। वहीं, परिवारीजनों के आग्रह पर शव का बिना पोस्टमार्टम कराए उन्हें सौंप दिया गया।
मृतक किशोरी के भांजे अमित कुमार ने जिलाधिकारी को संबंधित एक शिकायती पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी भांजी के इलाज के लिए डॉक्टरों से कई बार अनुरोध किया लेकिन किसी ने नहीं सुना। उन्होंने जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. एके सिन्हा, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. विपिन वर्मा व डॉ. अजय तिवारी समेत 2-3 अज्ञात नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि मृतक किशोरी के परिवार वालों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. एके सिंह व डॉ. सुरेश पटररिया आदि की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट में यदि कोई दोषी पाया गया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश सिंह ने बताया मृतक के मामा अमित कुमार ने उन्हें शिकायती पत्र सौंपा है, जिसे जिलाधिकारी को दे दिया गया है।
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