छह दिसम्बर को कारसेवकपुरम में आयोजित हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन में संत-धर्माचार्यों सहित रामभक्तों की उपस्थिति को लेकर अयोध्या के संतों ने स्वयं कमान संभाल ली है। इसी परिप्रेक्ष्य में रामघाट स्थित बड़ा फाटक मंदिर में संत-धर्माचार्यों की बैठक हुई।
इसमें सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास ने कहा श्रीराम जन्मभूमि हिंदू समाज की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। राजनीतिज्ञों ने मात्र वोट बैंक के लिए इस गंभीर समस्या के समाधान में रोड़ा बनकर मुस्लिम पक्ष को दिग्भ्रमित कर रखा है।
जबकि संसार को मालूम है कि भगवान राम का जन्म इसी स्थान पर हुआ है जिसे विज्ञान ने भी सिद्ध कर दिया है। बैठक में हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन की सफलता के लिए धर्मनगरी में स्थित मठ-मंदिरों में रहने वाले संत-धर्माचार्यों से संपर्क के लिए संतों की टोलियां भी बनाई गईं।