कंपनियों के अधिकारियों के साथ एजेंसियों की सांठ-गांठ का नतीजा है कि जिले में 1162 रुपये के कनेक्शन गैस चूल्हे, पाइप व रेग्यूलेटर के साथ ही दबाव बनाकर 29 सौ से 35 सौ रुपये में दिए जा रहे हैं।
यह हाल तब है कि जब 4 अगस्त को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने तीनों गैस कंपनियों के अफसरों को योजना का सही लाभ बीपीएल कार्ड धारकों को दिलाए जाने के सख्त निर्देश देते हुए फटकार लगाई थी।
बावजूद इसके सोमवार को भी जिले में गैस एजेंसियों की ओर से हठधर्मी जारी रही। गरीबों से निर्धारित धनराशि से ज्यादा वसूली की गई।
जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम व भारत गैस की दर्जनों एजेंसियां है। आईओसी की 12 एजेंसियों ने रविवार तक तकरीबन पांच हजार बीपीएल परिवारों को कनेक्शन दिए।
जबकि 13 सौ आवेदन अभी शेष है। कंपनियों के अफसरों ने स्वीकार किया कि उन्हें 4 अगस्त को दिल्ली बुलाया गया था और योजना पर सही ढंग से अमल कराने का निर्देश दिया गया था।
कंपनियों के अफसरों का दावा है कि गरीबों को सस्ते में कनेक्शन दिया जा रहा है। लेकिन ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को सर्वे किया तो पता चला कि बीपीएल परिवारों से निर्धारित धनराशि से ज्यादा की वसूली की जा रही है।
एजेंसियों की ओर से सिलेंडर, पाइप, रेग्यूलेटर के साथ ही चूल्हा लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जो चूल्हा लेने से मना करता है, उसे कनेक्शन देने के बजाय टरका दिया जा रहा है। जमीनी सच यह है कि बीपीएल परिवारों को सस्ते में गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
पूरा ब्लॉक के मित्रसेनपुर दुगौली व सूखापुर इटौरा पीएम की बीपीएल एलपीजी योजना पर कुंडली मारे बैठे तंत्र का स्याह सच बयां कर रहे है। कमोबेश ऐसी ही बदरंग तस्वीरें जिले में हर जगह है।
दोनों गांवों में पांच बीपीएल परिवारों का जायजा लिया गया। इसमें से किसी को भी 1162 रुपये में गैस सिलेंडर, पाइप व रेग्यूलेटर नहीं दिया गया। इसके साथ ही जबरदस्ती चूल्हा भी पकड़ा दिया गया तो 35 सौ तक वसूल लिया गया।
पूरा बाजार ब्लॉक के मित्रसेनपुर दुगौली के तिलकराम वर्मा ने कहा कि मैने सुना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को सस्ते में गैस सिलेंडर दिला रहे है।
एजेंसी पर बीपीएल कार्ड लेकर गया। लेकिन हमें उसका लाभ नहीं मिला। एजेंसी को 3280 रुपये भुगतान किया। तब कहीं जाकर रसोई में लकड़ी जलाकर खाना पकाने से राहत मिली।
सूखापुर इटौरा के राम सुभावन वर्मा का कहना है कि गरीबों को 12 सौ में सिलेंडर दिए जाने के सिर्फ दावे किए जा रहे है। मोदी सरकार भले देना चाह रही हो लेकिन एजेंसी वाले तो मंहगा ही दे रहे है।
सिलेंडर के साथ चूल्हा लेने का दबाव बनाते है। हमें तो 3480 रुपये में सिलेंडर और चूल्हा मिला। पूरा ब्लॉक के सूखापुर इटौरा की सरिता देवी पत्नी राम सागर ने कहा कि गरीबों को सस्ते में सिलेंडर देने का दावा खोखला है क्योंकि हमसे 35 सौ रुपया वसूल किया गया।
चूल्हा लेने का दबाव नहीं रहता तो हमें कुछ राहत मिल जाती। क्योंकि पता चला है कि बाजार में नौ सौ रुपये में चूल्हा मिल रहा है।
पूरा के मित्रसेनपुर दुगौली के बद्रीप्रसाद मौर्य ने आक्रोशित स्वर में कहा कि गरीबों के हित के लिए जो कुछ ऊपर से आता है, बड़े-बड़े लोग खा जाते है।
उम्मीद थी कि 12 सौ में सिलेंडर मिल जाएगा और नौ सौ में बाजार से चूल्हा खरीद लेंगे। लेकिन चूल्हा एजेंसी से ही लेने के कारण 3480 रुपया देना पड़ा।
पूरा के सूखापुर इटौरा के जयप्रकाश ने कहा कि बिना चूल्हा के गैस सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। हमने 3480 रुपये का भुगतान किया तब कही जाकर सिलेंडर और चूल्हा मिला। केंद्र सरकार के दावे में कोई दम नहीं है क्योंकि गरीबों को राहत नहीं मिल रही है।
आईओएसी के अफसर अनिल खरे ने स्वीकार किया कि चार अगस्त को दिल्ली बुलाया गया था और पेट्रोलियम मंत्री ने भारत सरकार की योजना गरीबों तक सही ढंग से पहुंचाने का निर्देश दिया।
भारत गैस के मनोज कुमार ने कहा कि गरीबों को लाभ दिया जा रहा है। कितने गरीब लाभान्वित हुए रविवार की शाम से ही आंकड़ा मेल करने का आश्वासन देते रहे, लेकिन अभी तक मिला नहीं। जबकि भारत गैस के अफसर का मोबाइल स्विच ऑफ रहा।