मिल्कीपुर। तहसील क्षेत्र के ग्राम पाराताजपुर में ग्राम प्रधान व राजस्व लेखपाल की मिलीभगत से ग्राम पंचायत की खुली बैठक किए बिना ही सरकारी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का ग्रामीणों के नाम पट्टा कर दिया गया है।
इस खेल में ग्राम प्रधान से लेकर तहसील मिल्कीपुर के आला अधिकारी तक शामिल हैं। जिसकी तस्दीक गांव के हल्का लेखपाल सत्येंद्र कुमार द्विवेदी द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट कर रही है।
हालांकि तहसील के अधिकारी इस प्रकरण पर बात करने से कतरा रहे हैं। मिल्कीपुर के तहसीलदार परमेश कुमार ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है। इस तरह के बहुत सारे एप्लीकेशन मिलते रहते हैं।
ग्राम पाराताजपुर निवासी राकेश कुमार ने ग्राम प्रधान व तत्कालीन लेखपाल राम प्रताप सिंह द्वारा सरकारी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का पट्टा किए जाने की शिकायत की है।
यही नहीं ग्राम प्रधान व राजस्व टीम ने ग्राम प्रधान शिवकुमारी के पुत्र रामकुमार व कृष्णकुमार के नाम भी आवासीय एवं कृषि पट्टा किया है।
इसके साथ ही ग्राम प्रधान ने अपनी दोनों बहुओं को भी पट्टा देकर उपकृत करने का काम किया है। शिकायत में लिखा गया है कि एसडीएम मिल्कीपुर द्वारा स्वीकृत किए गए पट्टे की सूची में ऐसे भी लोगों का नाम है, जो ग्राम पंचायत पाराताजपुर के निवासी ही नहीं हैं।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने बताया कि उनके द्वारा कई बार सरकारी स्कूल सहित अपात्रों को पट्टा करने की शिकायत दर्ज कराई गई। लेकिन तहसील के अधिकारी मामले को दबाते रहे। थक हारकर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से मामले की शिकायत की, जिसके बाद डीएम के आदेश पर पट्टे की जांच पड़ताल शुरू हुई।
वर्तमान लेखपाल सत्येंद्र कुमार द्विवेदी ने मामले की जांच की तो पता चला कि किए गए पट्टे में बड़ा खेल किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रेषित अपनी आख्या में यह तस्दीक की है कि पट्टा देने के खेल में ग्राम प्रधान व लेखपाल ने सरकारी स्कूल को भी नहीं बख्शा है।
लेखपाल ने अपनी आख्या में लिखा है कि गाटा संख्या 1768 ख रकबा 0.411 हेक्टेयर भूमि में सन 2008 में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बना है, बच्चे पढ़ रहे हैं।
प्रधान शिव कुमारी व तत्कालीन लेखपाल राम प्रताप सिंह द्वारा इसी विद्यालय की भूमि को ग्रामवासियों से नाजायज उगाही करके 22 लोगों के पक्ष में 13-13 एयर का आवासीय पट्टा कर दिया गया है।
22 पट्टों में से एक पट्टा खारिज है। बाकी 21 पट्टों को मिल्कीपुर एसडीएम ने स्वीकृत कर दिया है। कुल 0.271 हेक्टेयर भूमि का आवासीय पट्टा किया गया है, जबकि 0.160 हेक्टेयर भूमि पर विद्यालय का आवास बना है।
शेष भूमि में शौचालय, नल व सामान रखने का गोदाम सहित साइकिल स्टैंड तथा बच्चों के बैठने उठने की भूमि है। लेखपाल ने अपनी आंख्या में लिखा है कि इसी प्रकार कृषि पट्टा भी ऐसे भूमि पर किया गया है जहां सैकड़ों वर्ष पूर्व मकान बने हैं।
लेखपाल की आख्या के अनुसार ग्राम सोनबरसा मुतालिके चमैला निवासी नरेश कुमार पुत्र राम लल्लन व नीलम पत्नी नरेश कुमार को भी पाराताजपुर में कृषि एवं आवासीय पट्टा दिया गया है। जबकि सोनबरसा मुतालिके चमैला की वोटर लिस्ट में भाग संख्या 406 के मकान नंबर 287 के मतदाता क्रमांक 505 पर नरेश कुमार का नाम दर्ज है।
इसी तरह से गांव में तमाम ऐसे लोगों के नाम कृषि एवं आवासीय पट्टा किया गया है, जो उसके पात्र नहीं हैं। फिलहाल तहसील के अधिकारी मामले को दबाने की जुगत में लगे हुए हैं। मिल्कीपुर तहसीलदार परमेश कुमार से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है, जबकि उनके ही हस्ताक्षर से जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।