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संत पर हमले के पांच आरोपी गिरफ्तार

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अयोध्या। कैंट थाना क्षेत्र में भूमि विवाद में अयोध्या की प्रसिद्ध पीठ दशरथ महल बड़ा स्थान के संत मायाराम दास पर शुक्रवार को हुए हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आलोक सिंह सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सहकारी गन्ना समिति के सचिव सहित दस लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। हमले में घायल मायाराम दास का जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
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दशरथ महल की संपत्ति कैंट थाना क्षेत्र के मौजा चक गौरा पट्टी गाटा संख्या 67 व 68 है। ये चक जिला सहकारी गन्ना विकास समिति के ऑफिस से सटा है। यहां के सचिव सुनील वर्मा पर भगवान धनुषधारी की संपत्ति पर जबरन अवैध निर्माण कराने का आरोप है।
दशरथ महल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य के शिष्य संत रामभूषण दास कृपालु महाराज ने बताया कि सहकारी गन्ना समिति के सचिव सुनील वर्मा द्वारा भगवान धनुषधारी की संपत्ति पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी शिकायत पहले भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। जिसके बाद कैंट पुलिस ने अवैध निर्माण रुकवा दिया था।
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साथ ही पुलिस ने दोनों पक्षों को छह अक्तूबर को तहसील दिवस में कागजातों के साथ बुलाया था। इससे पूर्व ही शुक्रवार को गन्ना सचिव के साथी आलोक सिंह अपने गुर्गों के साथ अवैध निर्माण करा रहे थे। मंदिर के संत सुुदामादास, मायाराम दास व अन्य ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे हमलावर हो गए। हमले में सुदामादास व मायारामदास को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने गन्ना सचिव पर महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बताया कि मामले में आलोक सिंह सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गन्ना सचिव सहित 10 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
वहीं, कैंट थाना क्षेत्र में हुए भूमि विवाद में शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने भी पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें उक्त विवादित भूमि को गन्ना समिति का बताते हुए इस पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने असलहे के बल पर उक्त भूमि पर हो रहे सरकारी कार्य को रुकवा दिया और कार्य कराने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की।
उनका आरोप है कि घटना की तहरीर कैंट पुलिस द्वारा रिसीव नहीं की गई है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी जिलाधिकारी को भी दी गई है। एसओ कैंट विनोद बाबू मिश्र ने तहरीर मिलने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलेगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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