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ईद में नहीं दिखेगा उल्लास का माहौल

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अयोध्या। कोविड-19 संक्रमण के चलते इस बार ईद में उल्लास का माहौल नहीं दिखेगा। जिले की तीन सौ से अधिक ईदगाहें सूनी होंगी। ईदगाहों में टोपियों से सजे नमाजियों का हुजूम नहीं दिखाई देगा। नमाज न होने से न तो लोग एक-दूसरे से गले मिलेंगे और न ही मुसाफा किया जाएगा। इस सबसे अलग लोग ईद की सेंवई खाने भी एक-दूसरे के घर पर नहीं जाएंगे। खासतौर से मेला न लगने से बच्चों की ईद भी इस बार फीकी ही रहेगी।
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जिले में ईद का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरी कर ली हैं। ईद का विशेष पकवान सेंवई को पकाए जाने के लिए किचन सज कर तैयार हैं। हालांकि इस बार की ईद पर कोविड-19 संक्रमण का असर दिखाई देगा।
ईद की नमाज ईदगाहों में नहीं पढ़ी जाएंगी। इसके लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपील की है। साथ ही जिला प्रशासन ने भी ईद की नमाज सामूहिक रूप से पढ़ने की इजाजत नहीं दी है। इसके चलते इस बार ईद में ईदगाहें सूनी रहेंगी। इस बार न तो ईदगाहों में नमाज पढ़ी जाएगी और न ही बच्चों के लिए मेला लगेगा। इससे ईद का उल्लास न के बराबर ही होगा।
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दूसरी ओर मुस्लिम धर्म गुरुओं की अपील पर मुस्लिम समुदाय ने गले व मुसाफा न करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोग इस बार लोगों के घरों पर सेंवई खाने भी नहीं जाएंगे। ऐसे में इस बार मेहमानों के स्वागत की परंपरा भी परवान नहीं चढ़ सकेगी।
बीमारी खत्म हो जाये तो हर दिन होगी ईद
शहर के वजीरगंज निवासी मिर्जा आमिल बेग बताते हैं कि कोरोना के चलते इस बार ईदगाह में ईद की नमाज पढ़ने नहीं जायेंगे। वो कहते हैं कि कोरोना की जंग जीत लेंगे तो हर दिन ईद होगी। परिवार के सदस्य मुस्तफा बेग बताते हैं कि मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील पर इस बार ईद में नया कपड़ा नहीं लिया गया है। घर पर ही नमाज अदा कर परिवार के साथ दिन बिताएंगे। राहिम बेग, अब्दुल्लाह व इंशा का कहना है कि इस बार की ईद फीकी होगी, खासतौर पर बच्चों में काफी निराशा है। ईदगाह में मेला न लगने से बच्चों में उल्लास कम है।
सेंवई तो बनेंगी पर नहीं आएंगे मेहमान
रीडगंज निवासी नौशाद सिद्दीकी बताते हैं कि इस बार ईद का पर्व फीका होगा। कोविड-19 के चलते घरों में ही नमाज पढ़ी जाएगी। उलमाओं की अपील के चलते कहीं आना-जाना नहीं है। यहां तक कि एक-दूसरे के घर जाकर सेंवई भी नहीं खानी है। परिवार के सऊद, इनाया फातिमा सहित अन्य सदस्य बताते हैं कि घर में सेंवई बनेगी लेकिन मेहमान इस बार नहीं आएंगे। ईद का उल्लास इस बार हर वर्ष की तरह नहीं होगा।
ईदगाहों व मस्जिदों पर होगी पुलिस की चौकसी
जिले में ईद की नमाज सामूहिक रूप से नहीं अदा की जाएगी। इसकी इजाजत जिला प्रशासन ने नहीं दी है। हालांकि ईद की नमाज ईदगाहों में पढ़े जाने की इजाजत जामा मस्जिद टाटशाह के इमाम मौलाना शमशुल कमर कादरी की ओर से मांगी गई थी लेकिन प्रशासन ने कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए अनुमति नहीं दी है। एसएसपी आशीष तिवारी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि घरों में ही नमाज अदा करें। उन्होंने बताया कि संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर ईद की नमाज होती है, उन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। साथ ही सादी वर्दी में भी पुलिस के जवानों को लगाया जाएगा।
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